पुरानी जेल के सामने बिजली विभाग ने नया उपकेंद्र बनाया है। इससे क्षेत्र में आपूर्ति होती है। मगर इसके शुरू होने के नौ महीने बाद ही विद्युत आपूर्ति सप्ताहभर से ठप है। जिसके चलते इस उपकेंद्र से जुड़े तीनों फीडरों की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। जिसका प्रभाव शहर के अन्य क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। उपकेंद्र के ठप हो जाने से लोग विभाग पर निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाने लगे है।
शहर की बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने व ओवरलोड के चलते होने वाले फाल्ट व कटौती से शहर को निजात दिलाने के लिए बिजली विभाग ने पुराने जेल के सामने 33 केवी सब स्टेशन स्थापित कराया था। लगभग चार करोड़ की लागत से स्थापित इस उपकेंद्र के बन जाने के बाद भी लगभग साल भर तक इसे विभाग चालू नहीं कर सका था। अक्टूबर 2020 में विभाग इससे बिजली की आपूर्ति शुरू किया। तीन फीडर इससे जोड़े गए, जिसमें कलेक्ट्रेट कार्यालय फीडर, हरवंशपुर फीडर व लालडिग्गी फीडर शामिल है। इस सब स्टेशन के शुरू हो जाने के बाद शहर क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में कुछ सुधार भी हुआ था लेकिन शुरू होने के नौ माह बाद ही यह सब स्टेशन बैठ गया है। एक सप्ताह से इस सब स्टेशन से बिजली व्यवस्था लगभग ठप हो गई है। जिससे इससे जुड़े फीडरों को अन्य सब स्टेशनों से जोड़ कर चलाया जा रहा है जिसके चलते कटौती भी बढ़ गई है। वहीं विभागीय सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के चलते ऐसा हुआ है। वहीं विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि उपकेंद्र भ्रष्टाचार के चलते नहीं बल्कि जगह-जगह विभिन्न कंपनियों द्वारा सड़क खोदे जाने के चलते दिक्कत हुई है।