आजमगढ़। जिले के नोडल अधिकारी और प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार प्रथम ने गुरुवार को जनपद की सीमा में घुसते ही रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। इसके बाद वह सदर तहसील पहुंचे जहां एसडीएम कक्ष में पत्रावलियों का अवलोकन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने मनरेगा में मानव सृृजन दिवस कम होने, पीएम आवास में तृतीय किस्त की प्रगति कम होने पर परियोजना निदेशक को फटकार लगाई। शौचालय पूरे न बनने डीपीआरओ को चेतावनी दी और धान खरीद की प्रगति कम होने पर डिप्टी आरएमओ को फटकार लगाई।
नोडल अधिकारी ने रानीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में वार्ड में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी को साफ-सफाई रखने का निर्देश दिया। जिला मुख्यालय पहुंचते ही वह अधिकारियों के साथ सदर तहसील पहुंचे और वहां एसडीएम कक्ष में पत्रावलियों का अवलोकन किया। यहां आय-जाति निवास के संबंध में जानकारी ली। जिसमें पूर्व में लंबित 42 मामलों के संबंध में जानकारी ली। साथ ही किस स्तर से लंबित हैं इसकी आख्या मांगी। साथ ही तहसीलदार को नए आवंटित हुए पट्टों में से एक के अभिलेख लेकर कलेक्ट्रेट में आने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने खतौनी कक्ष का भी निरीक्षण किया और खतौनी फीस आदि के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद नोडल अधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान प्रमुख सचिव शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा और धान खरीद को लेकर काफी तल्ख नजर आए। उन्होंने शौचालय निर्माण में आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष आधा कार्य होने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को चेतावनी दी। समीक्षा में उन्होंने पाया कि 30 हजार शौचालय निर्माण के लिए पैसा भेजा गया है लेकिन इसमें से मात्र 15 हजार शौचालय ही बने हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किश्त कम जारी होने पर परियोजना निदेशक को कड़ी फटकार लगाई। प्रधानमंत्री आवास की समीक्षा में उन्होंने पाया कि मात्र सात प्रतिशत लोगों को ही आवास के लिए तीसरी किश्त जारी हुई है। इसके साथ ही जनपद में धान खरीद सिर्फ 28 प्रतिशत होने पर कहा कि पूरे प्रदेश में 50 प्रतिशत तक धान की खरीद हो चुकी है। लेकिन जनपद में कम खरीद लापरवाही का द्योतक है। इसके लिए उन्होंने डिप्टी आरएमओ को कड़ी फटकार लगाई और इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि जिले के 82 गांव अति कुपोषित है। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को इन गांवों के अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों को खाद्य सुरक्षा देने, डीपीआरओ को शौचालय बनवाने, सीएमओ को कैंप लगाकर बच्चों को टीकाकरण और दवाओं का वितरण कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीसी मनरेगा को इन परिवारों को मनरेगा जाबकार्ड देने, कृषि शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में स्वच्छता से संबंधित कार्यक्रम चलाने और आईसीडीएस को पुष्टाहार का सेवन कैसे करें इसकी विधियों से अवगत कराने का निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी, एडीएम वित्त वीके गुप्ता, जिला विकास अधिकारी विजय कुमार, परियोजना निदेशक दुर्गादत्त शुक्ल आदि उपस्थित थे।
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ग्राम सभा की जमीन से कब्जा हटाने की गुहार
सदर तहसील परिसर में निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव को ज्ञापन देने वालों का भी तांता लगा रहा। इस दौरान नगर से सटे कोल बाज बहादुर निवासी धनेश ने गांव में लगभग एक करोड़ रुपये की ग्राम समाज की जमीन पर हुए कब्जे को खाली कराने की गुहार लगाई।
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गंभीरवन में सबके खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
निरीक्षण के दौरान गंभीरवन के एक व्यक्ति ने प्रमुख सचिव को प्रार्थना पत्र सौंपा। गंभीरवन में हुए कब्जे के बारे में अवगत कराया। इस पर वहां मौजूद जिलाधिकारी ने बताया कि गंभीरवन में ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जा जमाने वाले सभी लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
- अंबुज राय