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पर्ची के अभाव में सूख रहा किसानों का गन्ना

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हरैया में सूख रहा गन्ना। - फोटो : AZAMGARH
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लाटघाट। जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ और हरैया ब्लाक के किसानों का गन्ना किसान सहकारी चीनी मिल घोसी मऊ में जाता है। लेकिन आज पर्ची के अभाव में सैकड़ों किसानों का गन्ना खेत में पड़ा सूख रहा है। वहीं किसान पर्ची मिले बिना ही गन्ना कटवा रहे हैं।
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सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ़ और हरैया विकास खंड के ज्यादातर किसान अपने गन्ने की आपूर्ति घोसी चीनी मिल को करते हैं। गन्ना सुपरवाइजर गन्ना किसानों के गन्ने का रेट तय करता है। किस किसान का गन्ना किस कैटेगरी का है। गन्ना सुपरवाइजर यानी गन्ना ग्राम सेवक जब गन्ने की पैमाइश करते हैं तो उसी समय गन्ने की कैटेगरी तय कर देते हैं और उसी हिसाब से उनको पर्चियां जारी होती हैं। इसके लिए गन्ना किसानों का बेसिक और एडिशनल दो किस्म के पर्ची निर्धारित होती है। गन्ना का मूल्य सरकार द्वारा रिजेक्ट गन्ना 310 रुपये प्रति कुंतल, सामान्य गन्ना 315 रुपये प्रति कुंतल और अर्ली गन्ना 325 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। घोसी चीनी मिल पर 1000000 कुंतल गन्ने की पेराई हो चुकी है। मिल पर आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर और गाजीपुर के भी किसान गन्ना सप्लाई देते हैं। बलिया मऊ के पूरे किसान, देवरिया, गोरखपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ के आंशिक किसानों का गन्ना वहां जाता है। डीसीओ घोसी चीनी मिल मऊ ने बताया कि 22000 गन्ना किसान हैं जो मिल गन्ना सप्लाई करते हैं। रामाश्रय राय डायरेक्टर सहकारी चीनी मिल संघ लखनऊ और उपसभापति घोसी चीनी मिल ने बताया कि अजमतगढ हरैया में लगभग 8000 किसान हैं। जो घोसी चीनी मिल के 40 प्रतिशत गन्ना पेराई के लिए देते हैं। जिन गन्ना किसानों का गन्ना सूख रहा है वह बिना पर्ची मिले बिना ही गन्ना कटवा दिए हैं। इसलिए सउनका ही गन्ना सूख रहा है। पर्ची के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। गन्ना किसान शिवचंद यादव, राजमन यादव, धर्मेंद्र याजदव, महेश यादव, सुभाष यादव, पल्टन यादव आदि किसानों ने बताया कि गन्ना किसानों का पर्ची समय से ना मिलने से कटे हुए गन्ने सूख रहे हैं। इसके लिए सहकारी चीनी मिल पर काफी दौड़-धूप करनी पड़ रही है। उसके बाद से भी महीनों से काट कर रखे गन्ने सूख रहे हैं। जिससे किसानों का करोड़ों का नुकसान संभव है।
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