सठियांव चीनी में गन्ने की अपूर्ति न होने से पेराई बंद।
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सठियांव। दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव बृहस्पतिवार को नो केन (गन्ने का अभाव ) के चलते 12 घंटे तक बंद हो गई। वहीं इसे लेकर मिल के अधिकारी देर शाम तक चालू कराने में जुटे हुए थे। माना जा रहा है कि यदि 12 घंटे बाद भी मिल चालू नहीं हो पाई तो मिल का लाखों का नुकसान होगा।
तकनीकी दक्षता में पिछले सत्र के दौरान देशभर में झंडा फहराने वाली सठियांव मिल को चालू सीजन में बेहतर परफॉरमेंस के साथ मिल चलाने का दावा तीन दिन में ही फुस्स हो गया। मिल सूत्रों के अनुसार चीनी मिल के रिकॉर्ड में विभिन्न तकनीकी कारणों से 15 घंटे की बंदी है। मिल में पेराई सात दिसंबर से चल रही है। वहीं फैक्ट्री गन्ने के अभाव में बंद है। देर शाम तक मिल चालू हो गई तो गनीमत है, अन्यथा लाखों का नुक सान होगा। गन्ना आपूर्ति का सिस्टम इस बार बदलकर ऑनलाइन कर दिया गया है। गन्ना विभाग इसे पारदर्शिता के रूप में देख रहा है, जबकि किसान इसे झंझट बता रहा है। जनपद के अधिकांश किसान नेटवर्किंग मोबाइल से कोसों दूर हैं। पहले पर्चियां हाथों हाथ दी जाती थीं। अब एसएमएस द्वारा भेजी जा रहीं हैं। किसानों का आरोप है कि उनको कलेंडर जिसमें किस किसान को कितनी और किस पखवारे में पर्ची उपलब्ध होगी जानकारी दर्ज रहतीं है और किसान उस सिस्टम से पर्ची ढुंढता और क्रय केेन्द्र पर पहुंचाने की तैयारी करता है लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। मुख्य गन्ना अधिकारी विनय प्रताप ने बताया कि गन्ने के अभाव में मिल बंद है। देरशाम तक मिल चालू हो जाएगी।