कई दिनों से जनपद में आ रही आंधी और पानी से तापमान गिरा था। इससे लोगों को गर्मी से निजात मिली थी। मंगलवार तीखी धूप से फिर लोग बेचैन रहे। उमस से घर में भी लोग बेहाल रहे। पंखे का असर भी कम था। लोगों को चेहरा और सिर ढककर घर से बाहर निकलना पड़ा।
मंगलवार की सुबह नौ बजे के बाद से ही धूप ने असर दिखाना शुरू कर दिया। जो भी घर से निकला वह चेहरा ढकने को मजबूर हुआ। दोपहर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। जिनके पास कोई काम नहीं था, उन्होंने घर में ही रहना मुनासिब समझा। घर में भी चैन नहीं मिल रहा था क्योंकि बिजली कटौती जारी थी।
वैसे तो शहर क्षेत्र में 22 घंटे विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल है लेकिन दो घंटे की कटौती के बाद भी विभाग पूरे दिन मेंटेनेेंस आदि के नाम पर बार-बार कटौती करता रहता है। विद्युत कटौती के बाद जिन लोगों के पास इनवर्टर था, उन लोगों को तो राहत रही। बाकी लोगों को हाथ के पंखे का सहारा लेना पड़ा। हवा नहीं चलने से भी लोगों को परेेशानी हुई।