औरंगाबाद बस्ती गांव में खुली देसी शराब की दूकान को बंद कराने और अवैध शराब के धंधे के खिलाफ मंगलवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने मार्टीनगंज-गंभीरपुर रोड पर सुबह सात बजे जाम लगा दिया। सुबह दस बजे मौके पर पहुंचे तहसीलदार जंगबहादुर यादव ने महिलाओं को समझाकर जाम समाप्त कराया। आश्वासन दिया कि अवैध शराब पर शिकंजा
कसा जाएगा।
बताते चलें कि क्षेत्र में ईंट-भट्ठों तथा अन्य जगहों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। यह धंधा लगातार फैलता जा रहा है। इसको लेकर गांव के लोगों में गुस्सा है। कई बार प्रशासन से क्षेत्र में अवैध तरीके से शराब की बिक्री पर रोक लगाने और ठेकों को बंद कराने की मांग की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा। मंगलवार को क्षेत्र की महिलाएं नारेबाजी करते हुए मार्टीनगंज-गंभीरपुर रोड पर पहुंचीं, जहां सड़क जाम कर दीं। महिलाओं का कहना था कि यदि जल्द अवैध शराब का कारोबार और ठेके बंद नहीं हुए तो स्वयं ठेके पर तालाबंदी के लिए बाध्य होंगी।
लगभग दस बजे मौके पर पहुंचे तहसीलदार जंगबहादुर यादव और दीदारगंज थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र यादव ने समझाकर महिलाओं को शांत कराया। तहसीलदार ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि गलत ढंग से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद महिलाओं ने जाम समाप्त किया। प्रदर्शन के दौरान सुमन सिंह, उर्मिला सिंह, सृष्टि सिंह, बीना गुप्ता, बबिता, चंद्रमा, रेनू, सितारा आदि मौजूद रहीं।