जिले में दूसरे दिन शुक्रवार की पूरी रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई जगहों पर पेड़ गिर गए। इससे आवागमन में परेशानी हुई। वहीं, गन्ना के खेतों में बारिश का पानी भरने के बाद तेज हवा से फसल गिर गई। दूसरे दिन 56.15 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही।
कई दिनों से बारिश न होने से लोग परेशान थे, लेकिन जब बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बारिश शुरू हुई तो लोग ऊब गए। बृहस्पतिवार की रात जहां 110 मिमी बारिश हुई वहीं, शुक्रवार की रात भी 56.15 मिमी बारिश हुई। बारिश के साथ ही गरज चमक के साथ तेज हवा भी चल रही थी। शहर के कोलघाट इलाके के निचले हिस्सों में मुख्य मार्ग पर पानी भर गया। इसके कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय परिसर में पूरा पानी भर गया है। बारिश होने के कारण शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली रात भर गुल रही। धान की फसल के लिए यह बारिश तो किसी अमृत से कम नहीं है, लेकिन सब्जी की फसल के लिए ठीक नहीं है। खेतों में पानी भरने से फसल गल जाएगी। बारिश के कारण बरदह, रानी की सराय, लालगंज, मेंहनगर, सरायमीर, बागखालिस, जहानागंज आदि स्थानों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से सड़कों पर पानी भर गया। जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हुई। चौतरफा बारिश से तमसा, मंजूषा, कुंवर सहित अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ने लगा है।
अंबारी। क्षेत्र के दीदारगंज-सरायमीर मार्ग पर महुवारा बाजार में सड़क पर बड़ा पेड़ गिर गया। इससे घंटों आवागमन प्रभावित रहा। लोगों ने पेड़ का कुछ हिस्सा काट कर हटाया तो आवागमन बहाल हुआ। खोरासन रोड रेलवे रेलवे स्टेशन के सामने काफी मात्रा में पानी लगा गया है।
ग्रामीण इलाकों में ब्रेकडाउन से बिजली की समस्या बढ़ गई है। चमावां गांव में घर के सामने की दीवार धराशायी हो गई। निचले इलाकों में सब्जी की खेती में पानी भर जाने से सब्जियां खराब हो रही हैं।