ड्यूटी के दौरान संविदा चालक की मौत के बाद विभाग की उदासीनता से नाराज रोडवेज के संविदा कर्मचारी रविवार को एकजुट हो गए। उन्होंने चालक के घरवालों को आर्थिक सहायता दिलाने सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की घोषणा कर सुबह आठ बजे रोडवेज के सामने चक्काजाम कर दिया।
रोडवेज के आरएम धर्मेंद्र नाथ के साथ एसडीएम सदर अयोध्या प्रसाद, सीओ नगर केके सरोज मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में आरएम के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ लेकिन कर्र्मचारियों ने अपराह्न एक बजे तक हड़ताल जारी रखी। संविदा चालकों और परिचालकों की हड़ताल पर जाने से बसें खड़ी हो गईं। इस दौरान परिवार के साथ यात्रा पर निकले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
संविदा कर्मचारी राजेंद्र राजभर ने बताया कि रौनापार थाना क्षेत्र के बाजार निवासी रामविनय सिंह (30) अंबेडकरनगर डिपो में संविदा चालक थे। 20 मार्च को रामविनय आजमगढ़ से बस लेकर लखनऊ गए। रास्ते में चिनहट और सफेदाबाद के पास उनकी बस ट्रक से टकरा गई। इसमें चार यात्रियों की मौके पर मौत हो गई। चालक को गंभीर चोटें आई। लखनऊ के एक अस्पताल में 21 मार्च को उसकी मौत हो गई।
विभागीय अधिकारियों ने उसके शव को जनपद लाने की कोई व्यवस्था नहीं की। इससे नाराज संविदा कर्मचारी रविवार की सुबह आंदोलित हो गए। उन्होंने मृत चालक के घरवालों को दस लाख रुपया मुआवजा देने की मांग की।
आरएम धर्मेंद्रनाथ यादव ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को बीमा का पांच लाख तत्काल उपलब्ध कराया जाएगा। इस पर हड़ताली कर्मचारी शांत हो गए। बाद में उन्होंने अपनी दस सूत्री मांगों का ज्ञापन आरएम को सौंपा। जाम करने के दौरान सुशील सिंह, जितेंद्र कुमार सिंह, ओमप्रकाश यादव, रामनरेश आदि मौजूद थे।