रैदोपुर स्थित बंद एसबीआई की मुख्य शाखा पर धरने पर बैठे कर्मचारी।
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आजमगढ़। ट्रेड यूनियन के संयुक्त दल यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर शनिवार को भी बैंकों की हड़ताल जारी रही। इस दौरान हड़ताल में शामिल बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्टेट बैंक आफ इंडिया की रैदोपुर स्थित मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया। बैंकों की हड़ताल के दूसरे दिन शनिवार को एक अरब का कारोबार प्रभावित हुआ। हालांकि कुछ प्राइवेट बैंकों के खुले रहने से लोगों ने राहत की सांस ली।
यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियन के संयोजक मो. आरिफ ने बताया कि इस हड़ताल में ग्रामीण बैंक को छोड़कर सभी बैंकों के यूनियन से जुड़े कर्मचारी शामिल रहे। कुछ प्राईवेट बैंकों को छोड़कर सभी बैंक हड़ताल में शामिल रहे। वक्ताओं ने कहा कि हमारी मांगें 2017 से ही लंबित हैं। हमारी मांग है कि वेतन बढ़ोतरी कम से कम 20 प्रतिशत की जाए, सेवानिवृत्त बैंक कर्मियों की पेंशन में भी अन्य विभागों की भांति कुछ न कुछ बढ़ोतरी होती रहे। सभी बैंकों में कार्य कार्य का समय अन्य विभागों की तरह एक समान हो। पांच दिन की साप्ताहिक बैंकिंग हो। इन मांगों केे लेकर हम दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। यदि सरकार हमारी यह वाजिब मांगों को नहीं मानती है तो आगामी 11, 12 और 13 मार्च को दोबारा हड़ताल पर चले जाएंगे। यदि सरकार फिर भी ध्यान नहीं दी तो एक अप्रैल से हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। बैंक की हड़ताल के कारण लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। वर्तमान में शादी विवाह का मौसम चल रहा है ऐसे में बैंकों की हड़ताल के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर क्षेत्र में स्थित एटीएम पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के संयोजक आरके सिंह ने बताया कि इन मांगों के अलावा हमारा अन्य भी कई मांगे हैं। जिसमें बैंकों के खराब ऋण के लिए जिम्मेदार खाताधारकों के खिलाफ फौजदारी का मामला दर्ज हो। बैंकों के द्वारा सामान्य जन से अनाप-शनाप कटौतियां बंद की जाएं। इस मौके पर यूनियन बैंक से मनीष विवेक सिंह, राजकुमार, स्टेट बैंक से अमित, अरविंद, बैंक आफ बड़ौदा से सरफराज, जनार्दन, पीएनबी से संदीप, यूबीआई से विकास सिंह आदि उपस्थित थे।