एसटीएफ ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जांच में यह भी पता चला कि इस गड़बड़ी का दायरा केवल अतरैला टोल प्लाजा तक सीमित नहीं है। 42 अन्य टोल प्लाजा में भी इस तरह की अनियमितताओं की संभावना है। बताया कि आरोपियों ने खुद का सॉफ्टवेयर विकसित कर सरकारी राजस्व में करोड़ों रुपये की हेरफेर की।
प्रारंभिक जांच में घोटाले का आंकड़ा करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका है। फिलहाल एसटीएफ मामले की गहन जांच कर रही है। अन्य टोल प्लाजा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। इस बड़े घोटाले को लेकर टोल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अतरैला टोल प्लाजा पर 120 करोड़ के घोटाला का अंदेशा है।
एएसपी आपरेशन ओपी सिंह टोल प्लाजा पर अनियमितता की जांच करने एसटीएफ आई थी। शिकायत था कि टोलकर्मी कम राजस्व वसूली दिखा कर घोटाला कर रहे है। कितने का घोटाला है। इसकी जानकारी एसटीएफ दे सकेगी। टीम ने तीन लोगों को पकड़कर मुकदमा दर्ज कराया गया।