हादसे के बाद विरोध जताते ग्रामीण।
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माैके पर मची अफरातफरी
ग्रामीणों ने शुक्रवार की सुबह पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ नदी के पुल के पास प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। जांच कराए जाने की मांग की। विभाग पर जान-बूझकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। करीब चार वर्ष पूर्व 2020 में यूपी सरकार के तत्कालीन मंत्री व मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल के प्रयास से करजी गांव में गड़ई नदी पर पुल स्वीकृत हुआ था।
पुल निर्माण के लिए करीब डेढ़ करोड़ व पुल के दोनों तरफ पहुंच मार्ग एवं भूमि के मुआवजे के लिए अलग से बजट आवंटित किया गया था। कुल लागत तीन करोड़ अस्सी लाख रुपये हैं। पुल निर्माण में देरी पर एक ठेकेदार को हटाकर दूसरे ठेकेदार से कार्य कराया जा रहा था।
पांच पिलर वाले पुल के दो पीलर की ढलाई विभाग द्वारा पूर्व में कराया जा चुका था। गुरुवार को दो पिलर पर लोहे की पाइप के सहारे शटरिग कर तीसरे पिलर पर मैटेरियल डालने के दौरान पुल का स्लैब नदी में गिर गया। चर्चा है कि पुल की ढलाई में प्लाई बहुत ही पतला लगाया गया था। जो लोड के बाद धराशायी हो गया।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि नदी में पानी आ जाने की जानकारी मिली। कार्य चल रहा है। लेकिन मौके पर गड़ई नदी में पानी नहीं है। मजदूर को रात मे हटा दिया गया। घटिया साम्रगी लगाया जा रहा है। मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल ने फोन से वार्ता करने पर बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी।