आजमगढ़। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने बुधवार को मुख्य मंत्री केे पत्र भेजा। जिसमें उनके द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स का जून 2021 तक का महंगाई भत्ता फ्रीज करने और नगर प्रतिकर भत्ता सहित अन्य छह भत्तों को फ्रिज किए जाने पर पुनर्विचार करने की मांग की।
जिलामंत्री अनिल कुमार तिवारी ने कहा कि वैसे भी अधिकांश कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी वहन करने के कारण कष्टदायक रहती है। बड़ी मुश्किल से वह महीने के खर्च को वहन कर पाते हैं। यहां तक कि बैंक इत्यादि के कर्ज के बोझ तले दबे रहते हैं। सरकार के अधिकांश कर्मचारियों ने आपदा कीइस घड़ी में महामारी का सामने करने में प्रदेश सरकार के राहत कोष में अपने एक दिन के वेतन के अतिरिक्त अन्य विभिन्न प्रकार से आर्थिक सहयोग सहर्ष प्रदान किया है। विभिन्न संबद्घ कर्मवारी संगठनों ने यह भी आश्वस्त कराया है कि सभी कर्मचारी आगे भी उक्त महामारी से लड़ने के लिए यथा संभव आर्थिक सहयोग करते रहेंगे। कर्मचारी डीएम द्वारा दिए गए दायित्वों का निर्वहन अपने और अपने परिवार की जाने की परवाह न करके पूरे मनोयोग से करते आ रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा जून 2021 तक महंगाई भत्ते को फ्रिज करना और नगर प्रतिकर भत्ता सहित छह भत्तों को रोके जाने से कर्मचारियों में हताशा है। ऐसे में हमारा अनुरोध है कि सरकार अपने फैसले पर एक बार फिर से विचार करें।