लाटघाट क्षेत्र के अकटहवा लुचुई स्थित श्रीरामजानकी मंदिर में सोमवार को शुरू हुए शतचंडी महायज्ञ के लिए गाजेबाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा के दौरान लग रहे श्रीराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।
कलश यात्रा अकटवा लुचुई स्थित रामजानकी मंदिर से हाथी-घोड़ों के साथ गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। इसमें 501 कन्याएं सिर पर कलश लिए चल रही थीं। कलश यात्रा मंदिर से निकलकर लुचुई, जमसर, मिश्रपुर, लाटघाट, घाघरा होते हुए 11 किलोमीटर दूर कल्यानपुर पुरानी सरयू नदी तट पर पहुंची, जहां विधि-विधान से यज्ञाचार्य राम अशीष पांडेय ने कलशों में जल भरवाया। इस दौरान लग रहे जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
इसके बाद कलश यात्रा पुन: उन्हीं मार्गों से होते हुए मंदिर पहुंचा, जहां कलश स्थापना की गई। इस दौरान सैकड़ाें की संख्या में भ्ाक्तजन कलश यात्रा में शामिल हुए। यज्ञकर्ता रघुनाथ जी महराज ने जानकारी देते हुए बताया कि शतचंडी महायज्ञ 21 जून तक चलेगा। वहीं प्रतिदिन रात में रासलीला होगी।
प्रवचन कर्ता राहुल त्रिपाठी, अयोध्या और दीनानाथ उपाध्याय (चिरैया बाबा) रहेंगे। कलश यात्रा में मुख्य रूप से हरिकेश विश्वकर्मा, रविंद्र, संजय यादव, फूलचंद, चंद्रबली, सुरेंद्र सिंह, घनश्याम मौर्य समेत सैकड़ांे श्रद्धालु शामिल थे।