आजमगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा एंबुलेंस 102, 108 से ड्राइवरों व पायलटों को हटाने, पीजीआई आजमगढ़ में तैनात वार्ड ब्वाय व अन्य कर्मचारियों को निकालने के विरोध में बुधवार को समाजवादी पार्टी आजमगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में सपा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार की तानाशाही व हिटलरशाही पर रोक लगाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में 102, 108 एंबुलेंस देकर क्रांतिकारी कदम उठाया। जिससे गरीब, असहाय, जनता बीमारी या किसी घटना के समय उसका लाभ लेती थी। कोरोनाकाल में उक्त एंबुलेंस व कर्मचारियों ने जान हथेली पर रखकर कार्य किया। लेकिन वर्तमान संवेदन शून्य योगी सरकार को जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं। अस्पतालों में दवाएं नहीं मिलती। प्राइवेट एंबुलेंस की सेवाएं अत्यंत महंगी है। जो आम आदमी के बस के बाहर है। सरकार जुमले गढ़ रही है। महंगाई, बेरोजगारी से लोग खाने के बिना मर रहे हैं। यदि सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो सपा धरना प्रदर्शन को बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक आलमबदी, नफीस अहमद, महासचिव हरिप्रसाद दूबे, जयराम सिंह पटेल, विनीत राय, विवेक सिंह, लालचंद यादव, मुलायम यादव, देवनाथ साहू, संदीप पटेल, राजू राजभर आदि मौजूद रहे।