आजमगढ़। कुख्यात माफिया, हिस्ट्रीशीटर और आईएस-133 गैंग के लीडर रमाकांत यादव (68)के खिलाफ 48 साल में 58 मुकदमे दर्ज हैं। ये मुकदमे आजमगढ़, जौनपुर व लखनऊ जनपद के 10 थानों में दर्ज हैं।
इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट, एससी/एसटी एक्ट, सीएलए एक्ट, आर्म्स एक्ट और महामारी अधिनियम तक शामिल हैं। वह ढाई साल से जेल में बंद हैं।
दीदारगंज थाना क्षेत्र के सरावां गांव में रमाकांत यादव का जन्म एक जुलाई 1957 में हुआ था। कुछ वर्ष बाद वह फूलपुर के अंबारी गांव में ही रहने लगे। राजनीति के साथ-साथ अपराध की दुनिया में भी अपनी पैठ बनाने लगे। रमाकांत यादव के खिलाफ पहला मुकदमा दीदारगंज थाने में वर्ष 1977 में दर्ज हुआ।
इसके बाद दूसरा मुकदमा 1983 में दर्ज हुआ। धीरे-धीरे अपराध का ग्राफ बढ़ता गया और मुकदमों की लंबी फेहरिस्त हो गई। इसके साथ ही राजनीति में भी गहरी पैठ बनाई। रमाकांत यादव विधायक व सांसद चुने गए। वर्तमान में फूलपुर पवई का प्रतिनिधित्व करने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा के सदस्य और आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व लोकसभा सदस्य हैं। इतना ही नहीं रमाकांत यादव ने अपने गैंग के साथ मिलकर अवैध शराब निर्माण, लूट, हत्या, और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों से अर्जित धन से संपत्तियां खरीदी।
प्रशासन ने रमाकांत यादव की हिस्ट्रीशीट भी खोली और आईएस-133 गैंग के लीडर के रूप में भी चिन्हित किया।