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डीएम से मिलने पहुंचे सपा विधायकों और कोतवाल में धक्का-मुक्की

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जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर सपा विधायकों और पुलिस के बीच झड़प के बाद धरने पर बैठे कार्यकर्ता। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। जिलाधिकारी से कानून व्यवस्था पर बात करने पहुंचे सपा विधायकों को आम रास्ते से जाने की बात कहने पर सपाइयों की शहर कोतवाल से धक्का-मुक्की हो गई। इससे नाराज सपा कार्यकर्ता कोतवाल को हटाने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। करीब पांच घंटे बाद शाम को जब डीएम बाहर निकले तो उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो धरना समाप्त हुआ।
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सपा का प्रतिनिधिमंडल दोपहर एक बजे कानून व्यवस्था और अन्य मामलों पर बात करने को कलेक्ट्रेट पहुंचा। इसमें विधायक आलमबदी आजमी, विधायक डॉ. संग्राम यादव, विधायक नफीस अहमद, विधायक दुर्गा यादव, एमएलसी राजेश यादव, निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार, पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव करैली और कार्यकर्ताओं शामिल थे। इस दौरान सभी अधिकारियों के लिए बने रास्ते से जिलाधिकारी कक्ष की ओर जाने लगे तो शहर कोतवाल केके गुप्ता ने उन्हें रोका और आम रास्ते से जाने को कहा। सपा कार्यकर्ता इसी रास्ते से जाने पर अड़ गए तो कोतवाल से उनकी धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद सपाई बुजुर्ग विधायक आलमबदी के साथ धक्का-मुक्की करने और अपमान का आरोप लगा वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही कलक्ट्रेट में मौजूद एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एसपी सिटी पंकज पांडेय, सीओ सिटी राजेश तिवारी भी पहुंच गए और सपाइयों को मनाने की कोशिश की, लेकिन सपाई कोतवाल को हटाने और डीएम के मौके पर आने की मांग को लेकर अड़े रहे। शाम छह बजे के बाद डीएम कलक्ट्रेट से निकले और सपाइयों से मिले। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सपा कार्यकर्ता पुलिस-प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए चले गए।
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कांग्रेस और भाकपा ने दिया समर्थन
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसी धरना स्थल पर पहुंचे और सपा विधायक के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के रहते लोकतांत्रिक मूल्य सुरक्षित नहीं रह गए हैं। पुलिस के दम पर विपक्ष की आवाज को दबाने का काम हो रहा है। इस मौके पर पूर्णमासी प्रजापति, तेज बहादुर यादव, ओंकार पांडेय, निर्मला भारती, जगदंबिका चतुर्वेदी, रविकांत त्रिपाठी, अजीज इमाम, विवेक राय, रविशंकर पांडेय अंशुमाली राय, सुरेंद्र व शंभू शास्त्री आदि उपस्थित रहे। सपा ने दावा किया कि भाकपा ने भी धरने को समर्थन दिया है।
कलक्ट्रेट के अंदर ही फंसे रहे डीएम
कलक्ट्रेट के रास्ते पर सपाई धरने पर बैठे रहे। डीएम को मौके पर बुलाने की मांग होती रही। वहीं, डीएम अपने अधीनस्थों के माध्यम से उन्हें कार्यालय बुलाते रहे। इस रस्साकसी में पांच घंटे से ज्यादा सपा के विधायक धरने पर जमे रहे। इस दौरान डीएम भी कलक्ट्रेट के भीतर ही मौजूद रहे। सभी कार्य निबटाने के बाद शाम साढ़े छह बजे डीएम कलक्ट्रेट से निकले तो सपाइयों से मुलाकात की।
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