04 अहरौला सीएचसी के अंतर्गत बस्तीभुजबल के पडरी गांव में निर्माणाधीन आरोग्य मंदिर और वैलनेस सेंट
अहरौला। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए बनाए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर और वेलनेस सेंटर बदहाल हैं। क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अहरौला के अंतर्गत लगभग 29 वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं, लेकिन इनमें से केवल 17 केंद्रों पर ही सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तैनात हैं। शेष केंद्रों का संचालन एएनएम के भरोसे चल रहा है।
कहीं आरोग्य मंदिरों के दरवाजों पर ताले लटके हैं, तो कहीं निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। कुछ केंद्रों पर तो गंदगी और झाड़ियों का अंबार लगा है। स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। ग्रामीणों को मामूली स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी 7 से 8 किलोमीटर दूर अहरौला सीएचसी तक जाना पड़ता है। कुशमहरा आरोग्य केंद्र पर ताला बंद रहता है। बस्ती भुजबल के पडरी गांव में दो वर्ष पूर्व बने वेलनेस सेंटर और आरोग्य मंदिर अभी भी निर्माणाधीन स्थिति में हैं।
वहीं अभयपुर गांव में पंचायत भवन परिसर स्थित एएनएम सेंटर और आयुष्मान आरोग्य केंद्र दोनों ही गंदगी से पटे पड़े हैं। गांव के श्रीनाथ यादव ने लगभग एक माह पूर्व जिलाधिकारी को पत्र देकर शिकायत की थी। जांच समाज कल्याण अधिकारी को सौंपी गई है, परंतु अब तक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मोहनलाल ने बताया जिले में कुल 29 सेंटर हैं, जिनमें 17 पर सीएचओ तैनात हैं। बाकी केंद्रों को फिलहाल एएनएम देख रही हैं। कुछ भवन बनकर तैयार हैं लेकिन हैंडओवर नहीं हुए हैं, जबकि कुछ पुराने भवन जर्जर अवस्था में हैं।
अहरौला सीएचसी क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति
- कुल वेलनेस सेंटर: 29
- सीएचओ तैनात: 17
- अधूरे भवन: 4
- बंद केंद्र: 3
- गंदगीयुक्त केंद्र: 2