शहर के बदरका पर में नव युवक रक्षक दल द्घारा स्थापित मां नव दुर्गा की मूर्ति।
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आजमगढ़। पूजा पंडालों में सजी मां दुर्गा की प्रतिमाएं न सिर्फ आस्था बल्कि बेहतरीन और अनूठी कला का भी प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसा लगता है जैसे कलाकारों ने अपने जीवन के सारे अनुभवों को प्रतिमाओं में उड़ेल दिया हो।
दुर्गा पूजा समितियों के बीच अपने को एक दूसरे से अलग और सुंदर साबित करने की जैसे होड़ मची है। किसी पूजा समिति का पंडाल तो किसी पूजा समिति की मूर्ति विविधताओं के चलते लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नवयुवक मंगल दल सिधारी का भव्य पंडाल अपने आप में अलौकिक है। किशन सेवा समिति पुरानी कोतवाली ने पूरे पंडाल को नारियल से सजाया गया है। पंडाल को कारीगरों ने इतनी भव्यता दी है कि वह सबसे अलग दिख रहा है। वहीं बदरका मुहल्ले में नवयुवक रक्षक समिति के पंडाल को कोलकाता से आए कारीगरों ने आकर्षक रूप दिया है। पूरे पंडाल को सीमेंट का रंग दिया गया है। रात के समय जब इस पर नीली रोशनी पड़ती है तो इसकी शोभा और बढ़ जाती है जो मां दुर्गा, शंकर जी और गणेश भगवान के रूप को नया आयाम प्रदान कर रही है। जय मां अंबे सेवा समिति पुरानी कोतवाली पार्क में स्थापित होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा के लिए पंडाल का आकार काफी आकर्षक बनाया गया है। पुरानी सब्जी मंडी चौराहे के पास स्थित पंडाल में कारीगरों ने मां वैष्णो देवी और अमर नाथ धाम का रूप दिया गया है। जो बरबस ही लोगों को आकर्षित कर रहा है। धर्मरक्षक दल दलालघाट पर समिति ने ऐसी मां की मूर्ति तैयार कराई है जिसमें मां की पलकें झपकती रहती है। मां की साड़ी रोजाना बदली जाती है।
शहर के फराश टोला में न्यू नेशनल र्स्पोटिंग क्लब द्घारा स्थापित मां नव दुर्गा की मूर्ति।- फोटो : AZAMGARH
शहर के कालीनगंज में जय विक्रांता दल द्घारा स्थापित मां नव दुर्गा की मूर्ति।- फोटो : AZAMGARH