जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते दीदारगंज चौक रात को अंधेरे में डूबा रहता है। कारण कि वहां लगी सोलर लाइटें खराब हो चुकी है। वहीं चौक पर मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। वहां न तो यात्री प्रतीक्षालय है और न सार्वजनिक शौचालय। पुलिस बूथ की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सूरज ढलते ही वहां अंधेरा छा जाता है और प्रकाश की व्यवस्था न होने से राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
सबसे अधिक खराब स्थिति मुख्य चौक की है। एक तरफ प्रकाश के न होने से जहां बाजार आने जाने वालों को दिक्कत होती है, वहीं सड़कों पर दुर्घटना और दुकानों में चोरी का भी खतरा रहता है। पुलिस कर्मी रात के अंधेरे में टार्च के सहारे पिकेट ड्यूटी करते नजर आते हैं। वहीं यात्री प्रतीक्षालय ना होने से दीदारगंज चौक से खेतासराय, मार्टीनगंज, बरदह, सरायमीर, जिला मुख्यालय आदि जगहों पर जाने के लिए यात्रियों को सड़क पर खड़े होकर वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। चौक पर पुलिस बूथ ना होने के कारण पिकेट ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मी व होमगार्ड के जवानों को इधर उधर दुकान पर बैठकर अपना समय गुजारना पड़ता है। सड़क पर अंधेरा होने के कारण रात के समय लावारिस पशु भी दिखाई नहीं देते और इससे वाहन चालक पशुओं से टकरा जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। क्षेत्र के इंद्रपति सेवक, कन्हैया लाल यादव पूर्व प्रधान, धर्मेंद्र सोनकर, कर्मवीर विश्वकर्मा, अजय उपाध्याय, प्रवीण यादव, सोनू यादव सोनू गुप्ता आदि लोगों ने चौक पर मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराए जाने की प्रशासन से मांग की है।