आजमगढ़। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की लगातार हड़ताल से सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित होने से शासन भी इनके खिलाफ कार्रवाई का मन बना चुका है। शासन के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिले की लगभग 600 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय रोक दिया है।
जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के दो संघ हैं। पहले एक संघ की ओर से मांगों के समर्थन में लगातार हड़ताल की जा रही थी। इसके बाद दूसरे संगठन ने डेढ़ माह से 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल कर दी है। उनकी ओर से शासन की किसी भी योजना का कार्य नहीं किया जा रहा है।
आंगनबाड़ियों की मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाकर 15000 रुपये किया जाए और राज्य कर्मचारी का दर्जा आदि दिया जाए। हालांकि सरकार ने उनके पूर्व के मानदेय में वृद्घि की, लेकिन आंगनबाड़ी इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनके हड़ताल पर जाने से राज्य पोषण मिशन सहित अनेक योजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।
हाल ही में आयोजित हुए बच्चों के वजन दिवस का भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने विरोध किया था। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को पोषाहार नहीं मिल रहा है। सरकारी योजनाओं पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए शासन अब हड़ताल में शामिल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का मन बना चुका है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिले के लगभग 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन को रोक दिया है।
शासन से मिले निर्देश के बाद सीडीपीओ से इसकी जांच कराई गई कि जिले में कितने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र पर नहीं पहुंच रहे हैं। सीडीपीओ की ओर से उपलब्ध कराई गई जांच रिपोर्ट में लगभग छह सौ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अनुपस्थित पाए गई। इनका मानदेय रोक दिया गया है।
-पवन कुमार यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी।
थाली-चम्मच बजा कर किया प्रदर्शन
आजमगढ़। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने मांगों के समर्थन में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर थाली और चम्मच बजाकर प्रदर्शन किया।
दूसरे चरण के आंदोलन का प्रारंभ जिला मंत्री उषा सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि जब तक हमारी 13 सूत्री मांग पूरी नहीं होती है तब तक कलम बंद हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पांच दिसंबर को हर परियोजना पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा। छह दिसंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिया जाएगा।