आजमगढ़। 11 बुनकर समितियों की ओर से बुनकरों का करोड़ों रुपया हड़पने की शिकायत की जांच कर रही तीन सदस्यीय टीम मंगलवार को मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। सूत्रों की मानें तो समितियों से लगभग एक करोड़ की रिकवरी तय है। जांच में समितियों की ओर से बुनकरों के उत्थान के नाम पर मिले करोड़ों रुपयों से ग्राहकों को ही छूट देने और शासन से ये धन प्राप्त करने के लिए समितियों की ओर से सौंपी गई बैलेंसशीट में भी काफी गड़बड़ी मिलने की बात सामने आ रही है।
पिछले दिनों हथकरघा विभाग के डायरेक्टर से मुबारकपुर की 11 समितियों की शिकायत की गई थी। आरोप लगाया था कि इन समितियों को सरकार की ओर से करोड़ों रुपये बुनकरों के उत्थान के लिए दिया था। समितियों की ओर से इसका गबन किया गया है। मामले की जांच के लिए डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी विजय शंकर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। जांच में पता चला था कि बुनकरों के नाम पर आए इन रुपयों से ग्राहकों को ही छूट दे दी गई, जबकि इस पैसे से बुनकरों का विकास करना था। मुबारकपुर में ऐसी समितियों की संख्या सैकड़ों में हैं।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से समितियों के तीन वर्ष के औसतन वार्षिक टर्नओवर पर ही 10 फीसदी के हिसाब से बुनकरों के उत्थान के लिए धन इन समितियों को जारी किया जाता है। इसे पाने के लिए समितियों की ओर से अपने तीन वर्ष के व्यापार का वार्षिक टर्नओवर बैलेंसशीट देना होता है। जांच टीम की ओर से इस बैलेंस शीट में ही काफी फर्जीवाड़ा मिला है। टीम को हथकरघा विभाग की ओर से 20 समितियों की बैलेंस शीट उपलब्ध कराई गई थी।
कई समितियों के बैलेंस शीट में एक ही ग्राहक एक ही क्रम में अलग-अलग डेट में मिल थे। जांच में इसमें भी फर्जीवाड़ा किया गया मिला। सूत्रों की माने तो समितियों से लगभग एक करोड़ की रिकवरी होनी तय है।
बुनकर समितियों की शिकायत पर जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया था। टीम के मंगलवार को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। जांच रिपोर्ट के अनुसार रिकवरी और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी