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छह शवों का नहीं मिला अब तक कोई वारिस

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आजमगढ़। रेलवे स्टेशन पर तथा रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात शवों के शिनाख्त के लिए किया गया जीआरपी का प्रयास अभी तक असफल है। जीआरपी को वर्ष 2019 में मिले छह अज्ञात शवों का वारिस अभी तक नहीं मिला। ऐसे में यह शव किसके हैं। मरने वाले लोगों का क्या नाम, कौन हैं, कहां के रहने वाले और इनके परिजन कौन हैं इसका कुछ भी पता नहीं है। जीआरपी अज्ञात शवों के शिनाख्त के लिए अब पोस्टर बनवाकर आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के अलावा जिले के कई सार्वजनिक जगहों पर चस्पा किया जा रहा है।
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पारिवारिक कलह या फिर किसी बात से क्षुब्ध होकर लोग आएदिन रेलवे स्टेशन व रेलवे ट्रैक ट्रेन के सामने कूदकर जान दे देते हैं। जीआरपी द्वारा शव को कब्जे में लिया जाता है। इसके बाद उनकी शिनाख्त कर शव परिजनों को सौंप दिया जाता है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाती है उनका फोटो लिया जाता है। शरीर के हर अंग की निशानदेही की जाती है। ताकि उन्हें खोजते रेलवे स्टेशन पर पहुंचे परिजन उनकी शिनाख्त कर सकें। वर्ष 2019 में कुल 14 घटनाएं हुईं। जिसमें आठ शवों की शिनाख्त तो हो गई लेकिन छह शवों की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी। हालांकि जीआरपी द्वारा शवों की शिनाख्त के लिए पंपलेट्स रेलवे स्टेशन, रोडवेज परिसर व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगाया जा रहा है।
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कुल 14 घटना हुई है। छह शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। शव की शिनाख्त के लिए सार्वजनिक स्थलों पर पंपलेट्स लगवाया जा रहा है।
गणनाथ प्रसाद, जीआरपी थाना प्रभारी आजमगढ़।
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