बकाया मानदेय के भुगतान सहित अन्य मांगों को लेकर बालश्रम विद्यालय कर्मचारी कल्याण समिति का विकास भवन में क्रमिक अनशन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान एक महिला कर्मचारी की हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। इससे गुस्साएं कर्मचारी और शिक्षकों ने विकास भवन गेट के बाहर जमकर नारेबाजी की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं होती है तो आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
बताते चलें कि 24 माह से बकाया वेतन के भुगतान को लेकर बाल श्रम विद्यालय कर्मचारियों और शिक्षकों का क्रमिक अनशन मंगलवार को 16वें दिन भी जारी रहा। शिक्षिका रजिया खातून की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसकी सूचना मिलते ही कर्मचारी और शिक्षक आक्रोशित हो गए। कर्मचारियों और शिक्षकों ने एंबुलेंस बुलाकर शिक्षिका को अस्पताल भेजा, किसी भी अधिकारी के धरना स्थल पर पहुंच हाल नहीं लेने पर आक्रोशित हो उठे। कर्मचारियों और शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की।
अध्यक्ष रामप्यारे यादव ने कहा कि उक्त शिक्षिका के साथ यदि कोई घटना घटती है तो पूरा प्रशासन इसका जिम्मेदार होगा। राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामजन्म प्रसाद रावत ने कहा कि जिले के अधिकारी संवेदनहीन हो गए हैं। अभी तक उक्त महिला का हालचाल किसी ने नहीं लिया। यदि शिक्षिका को कुछ हुआ तो संगठन के लोग बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी अधिकरियों पर होगी।
इस दौरान संजय कुमार यादव, प्रदीप कुमार सिंह, पंकज राय, लक्ष्मण चौधरी, अतुल कुमार, चंद्रिका प्रसाद, संजय मौर्या, चंद्रभान यादव, हरिनाथ याद, साइना खातून, आदि उपस्थित रहे।