भू-राजस्व अभिलेखों में मृत दर्शा दिए गए लोगों ने मृतक संघ के बैनर तले शुक्रवार को कमिश्नर से मुलाकात की। उन्हें खुद के जिंदा होने का सबूत सौंपा। इसके पूर्व दौरान मंडलायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
मृतक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालबिहारी ने कहा कि मंडल के सात जीवित लोगों को राजस्व अभिलेखों में मृत दिखाकर उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। पीड़ितों में आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के खिरीडीहा गांव के राजबली पुत्र स्व. काशी, निजामाबाद क्षेत्र के कुजियारी गांव निवासी लौटू यादव पुत्र स्व. बद्री यादव, सदर तहसील क्षेत्र के बबुरा गांव निवासी रामलाल यादव पुत्र अयोध्या यादव, बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के मादेपुर गांव निवासी अवधराज पुत्र धरमू यादव मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के जगदीश प्रसाद गुप्ता पुत्र छोटक राम, इसी तहसील क्षेत्र के मखूनी गांव निवासी धिराजी देवी पत्नी स्व. शंकर ठाकुर और बलिया जिले के सियर तहसील क्षेत्र के तरछापार भदौरा गांव निवासी ओजागिर पुत्र बंशी शामिल हैं।
कहा कि राजस्व अभिलेखों में इन लोगों को मृत दिखाकर इनकी जमीनों पर दूसरे लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। उन्होंने मंडलायुक्त से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और मुर्दा घोषित हो चुके लोगों को अभिलेखों में दुबारा जिंदा करने की मांग की। इस मौके पर ओजागिर, जगदीश प्रसाद गुप्ता, धिराजी देवी, राजबली, रामलाल यादव आदि मौजूद रहे।