अंबारी। पवई विकास खंड के उफरी ग्राम पंचायत में 2005 से लगातार एक ही घर के लोग गांव के प्रधान हैं। लोगों के हर सुख दुख में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले इस परिवार के प्रति लोगों का विश्वास है। जिसका परिणाम है कि कई बार से गांव के लोग इन्हें प्रधान चुनते आ रहे हैं।
उफरी गांव में प्रधान राकेश कुमार यादव के बाबा स्व. दत्तू यादव भी ग्राम प्रधान रहे। जब पंचायत का गठन हुआ तो गांव के लोगों ने स्व दत्तू यादव को प्रधान चुना। दो बार राकेश कुमार यादव के बाबा गांव के ग्राम प्रधान रहे। इसके बाद परिवार में चार बार कोई चुनाव लड़ा ही नही, इसलिए गांव के अन्य लोग प्रधान रहे। 2005 से 2015 तक गांव की प्रधान राकेश कुमार को पत्नी सुशीला यादव दो बार प्रधान रही । 2015 में हुए ग्राम पंचायत चुनाव में गांव के लोगों ने राकेश कुमार यादव को ग्राम प्रधान बनाया। राकेश कुमार यादव, ग्राम प्रधान ने कहा कि गांव के लोगों का हमारे परिवार पर हमेशा विश्वास रहा है । जिस ढंग से गांव के लोग मेरे परिवार पर विश्वास किया है उसी विश्वास को कायम रखने के लिए गांव में आपसी सौहार्द और विकास करके उनका विश्वास बनाए हुए हूं और आगे भी बनाए रखूंगा। सुशीला यादव, पूर्व ग्राम प्रधान ने कहा कि गांव में प्रा बिद्यालय नहीं था। जिसके लिए संघर्ष करके 2009 में गांव के लिए विद्यालय का निर्माण करवाया। आंगनबाड़ी केंद्र, नाली, खड़ंजा, निराश्रित पेंशन आदि विकास कार्य करवा गया है। आगे भी हमार परिवार द्वारा लोगों की भलाई के कार्य किए जाते रहेंगे। उद्घव यादव ने कहा लगातार एक ही परिवार में प्रधानी रहने का कारण है कि गांव के हर लोगों के सुख दुख में वह शामिल होते हैं। इस परिवार ने हमेशा गांव के हित में काम किया है। मतई यादव ने कहा कि इनके बाबा स्व. दत्तू यादव भी सर्वप्रथम प्रधान हुए थे। इनके परिवार ने हमेशा गांव में व्यवहारिक दृष्टि से लोगों के साथ खड़ा रहता है। जिसका इन्हें लाभ मिलता है।