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भारत देश की संस्कृति ही राम है - कन्हैया सिंह

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आजमगढ़। हिंदी साहित्य में आज शायद ही कोई ऐसा हो जो डा. कन्हैया सिंह को नहीं जानता हो। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के पूर्व अध्यक्ष और उप्र भाषा संस्थान के पूर्व अध्यक्ष डा. कन्हैया ने शुक्रवार को अपना 86वां जन्म दिन सादगी पूर्वक मनाया। इस दौरान उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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डा. कन्हैया सिंह ने शनिवार को अपना जन्मदिन बड़ी ही सादगी से मनाया। राम मंदिर के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस देश की संस्कृति ही राम है। हिन्दी साहित्य के पाठानुसंधान और सूफ़ी साहित्य के राष्ट्रीय ख्यातिलब्ध विद्वान डा. कन्हैया सिंह पर एक संस्मरण का लोकार्पण योगी आदित्यनाथ के हाथों होने वाला है। इसके अतिरिक्त कहानी, संस्मरण, निबंध और आलोचना की कुल 40 अधिक महत्वपूर्ण पुस्तकों का सृजनकर हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने का महान कार्य इन्होंने किया। साहित्यिक सक्रियता के साथ ही सामाजिक और राजनीतिक जीवन में भी यह सक्रिय रहे। महज 35 वर्ष की अवस्था में आजमगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष हुए, उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष रहे, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तथा वर्तमान में राष्ट्रीय संरक्षक के दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। जीवन के इस पड़ाव पर भी कन्हैया सिंह का निरंतर साहित्य सृजन पर लगे हुए हैं। उनके इस 86वें जन्मदिन पर उनके हिमाद्रि - राहुल नगर स्थित आवास पर राहुल सिंह, अभिनव सिंह, अशेष सिंह, मुकुल सिंह, राकेश मौर्या, विनीत सिंह आदि ने उनका अभिनंदन किया।
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