बलरामपुर। गरीबों को सस्ते दर पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं। यहां से मरीजों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन, अगर जन औषधि केंद्रों की हालत देखें तो यहां इक्का दुक्का मरीज ही मिलते हैं और जो निजी मेडिकल स्टोर हैं उन पर मरीजों की भीड़ लगी रहती है। इसका कारण चिकित्सकों द्वारा मरीजों को जन औषधि केंद्रों की दवा न लिखना है। इसके कारण मरीजों को दवा खरीदने और जांच करवाने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
मेरे पिता को हार्ट की दिक्कत है जो जिला अस्पताल में भर्ती हैं। एलएफटी की जांच बाहर की लिखी। मैने अंदर से कराने को कहा तो बोले बाहर से करा कर लाओ।
विजय कुमार, बरामदपुर।
तबीयत खराब थी डॉक्टर साहब को दिखाने के लिए आया था। उन्होंने दवा लिखी जिसमें कुछ दवाएं तो अंदर मिल गईं लेकिन 500 रुपये की दवा बाहर से खरीदनी पड़ी।
संदीप, देऊरपुर कमालपुर।
शासन का निर्देश है कि चिकित्सालय की दवा मरीजों को लिखे जो शासन द्वारा गुणवत्ता युक्त दवा हो। लाभदायक दवा स्टोर में नहीं हैं, उसे जनऔषधि केंद्र से ही लिखे जो शासन के निर्देश की अनदेखी करता है। संज्ञान में आने पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।-डा. ओमप्रकाश, एसआईसी।