15 सिधारी थाना क्षेत्र के पठानटोला में तैनात पुलिसकर्मी। संवाद
आजमगढ़। सिधारी थाना क्षेत्र के पठान टोला मोहल्ले में मासूम शाजेब की हत्या के 48 घंटे के अंदर सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि जिस दिन मासूम शाजेब लापता हुआ था उसी शाम को उसकी हत्या हो गई थी। इसके बाद भी आरोपी बार-बार उसके घर जाकर पूछता रहा शाजेब अभी मिला कि नहीं।
जानकारी मुताबिक सिधारी थाना क्षेत्र के पठानटोला मोहल्ला निवासी शाजेब की हत्या हुए पांच दिन हो गया लेकिन अभी सिधारी क्षेत्र का पठान टोला मोहल्ला गमजदा है। पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शाजेब और आरोपी मंटू के घर से लगायत आसपास के इलाकों में तैनात है। एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला कि शैलेंद्र उर्फ मंटू बुधवार को शाजेब को लेकर घुमा रहा था। उसे घुमते हुए आसपास के लोगों ने देखा था।
शाम करीब छह बजे वह अपने घर पर लेकर चला गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी मंटू उसे लेकर घर के तीसरे तल पर गया और उसे करीब 6.30 से सात बजे के बीच चाकू से गर्दन काटकर हत्या कर दी। इसके बाद वह नीचे आकर सामान्य तरीके से रहने लगा।
ताकि किसी को कोई शक न हो। जब शाजेब घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजन मंटू से पूछे शाजेब कहां है तो उसने कहा मैंने उसे गली के पास छोड़ दिया था। वहां से वह कहां गया इसकी जानकारी मुझे नहीं है। उधर मंटू बार-बार शाजेब के घर जाकर यह पूछता रहा शाजेब मिला कि नहीं। परिजन सिधारी थाने पर शिकायत दर्ज कराएं। शैलेंद्र डर गया कि कहीं वह पकड़ा न जाए।
परिजनों और पुलिस को भटकाने के लिए मंटू ने बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे शाजेब के पिता मुकर्रर को फोन कर 12 लाख की फिरौती मांगी। परिजनों ने इसकी जानकरी पुलिस को दी। पुलिस सक्रिय हुई तो शैलेंद्र ने खुद को बचाने के लिए शाजेब का शव बोरे में भरा और घर के पीछे अहाता में फेंकने का प्रयास किया लेकिन बोरा हाते में लगे गेट के ऊपर तार में फंस गया। बोरा फेंकने के बाद शैलेंद्र नीचे आ गया। कुछ देर बाद किसी की नजर उस बोरे पर पड़ी तो वह शोर मचाने लगा। इसके बाद परिजनों को भी इसकी जानकारी हो गई। हालांकि पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।