आजमगढ़। प्रतिबंधित संगठन सिमी के संस्थापक सदस्य रहे शाहिद बद्र फलाही के ट्रांजिट रिमांड पर भले ही अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है, लेकिन शाहिद बद्र फलाही बुधवार को सीजेएम कच्छ भुज की अदालत में पेश हुआ। कोर्ट ने इस मामले में शुक्रवार को सुनवाई का दिन निर्धारित किया है। उधर काफी दिनों बाद हाथ में आए शाहिद बद्र को पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटी हुई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मनचोभा गांव निवासी शाहिद बद्र फलाही प्रतिबंधित संगठन सिमी का संस्थापक सदस्य रहा है। मौजूदा समय में वो यहां एक डिस्पेंसरी चलाता है। पांच सितंबर 2019 को गुजरात प्रदेश के भुज कच्छ डिविजन थाने के दरोगा युवराज सिंह प्रवीण जडेजा ने अपनी टीम के साथ शाहिद को उसके घर से गिरफ्तार किया। रात भर कोतवाली में उसे हिरासत में रखा गया। दूसरे दिन छह सितंबर को सीजेएम की अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए आवेदन किया गया। सुनवाई करते हुए सीजेएम ने शाहिद की जमानत मंजूर करते हुए उसे सात दिन के भीतर गुजरात की कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया। इस मामले में सात सितंबर को सीजेएम के आदेश के खिलाफ जिला जज के यहां अपील की गई, जहां सुनवाई अब भी चल रही है। उधर शाहिद बद्र फलाही बुधवार को गुजरात पहुंचकर भुज कच्छ कोर्ट में सीजेएम के समक्ष पेश हो गया। इस पर 13 सितंबर को सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित की गई है। गुजरात पुलिस के उपनिरीक्षक युवराज सिंह ने बताया कि शाहिद बद्र गुजरात की कोर्ट में बुधवार को ही हाजिर हो गया। उसके खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना भुज कच्छ डिविजन थाने के निरीक्षक एमएन चह्वाण की तरफ से रिमांड पर लेने की तैयारी कर रहे हैं। उसके जरिये कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।