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हनुमान के पूंछ में लगाई आग, जल गई लंका

Sun, 01 Nov 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
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जिले के तीन स्थानों पर चल श्रीरामलीला में कलाकारों ने विभिन्न पात्रों को बखूबी निभाया। अंबारी में  हनुमानजी ने लंका फूूंक दी वहीं मेजवा गांव में कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के जन्म का मंचन किया।
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जबकि शाहजेरपुर में रामलीला मंचन के पहले दिन नारद मोह का दृश्य दिखाया गया। इस दौरान श्रद्धालु बीच बीच में श्रीराम के जयकार लगाते रहे।

अंबारी संवाददाता के अनुसार कस्बा में युवाशक्ति रामलीला समिति की ओर से रामलीला में कलाकारों ने सीता की खोज, राम-सेबरी संवाद, राम-सुग्रीव मित्रता, बालि वध, लंका दहन का मंचन किया।

हनुमान जी द्वारा लंका दहन करते ही श्रीराम के जयकार लगने लगे। संगीतज्ञों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय धुन की तान छेड़कर तालियां बटोरी। संचालन लाल बहादुर यादव ने की।
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फूलपुर संवाददाता के अनुसार शिव सेवा रामलीला समिति की ओर से शाहजेरपुर गांव में भगवान राम की लीलाओं का मंचन शुरू हो गया है। रामलीला का उद्घाटन प्रधान हसन इमाम ने फीता काटकर किया।

पहले दिन कलाकारो ने नारद मोह की जीवंत प्रस्तुति दी। नारद के किरदार ने जहां लोगों को खूब गुदगुदाया, वहीं भगवान विष्णु के भक्त प्रेम ने लोगों को प्रेरणा दी।

मेजवां संवाददाता के अनुसार मेजवा गांव में रामलीला मंचन के दूसरे दिन कलाकारों ने प्रभु श्रीराम के जन्म का भावपूर्ण मंचन किया। श्रीराम के जन्म होते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठे।

महिलाओ ने सोहर गीत गाकर मंगल की कामना की। पुत्र रत्न की प्राप्ति पर राजा दशरथ का कोई ठिकाना नहीं रहा। इस दौरान विश्वामित्र दशरथ संवाद ने लोगों को पिता के पुत्र मोह और राजा के कर्तव्य के बीच द्वंद्व देखने को मिला।
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बीच-बीच में हास्य कलाकारों ने लोगों को खूब गुदगुदाया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्यारे लाल प्रजापति ने आभार जताया।
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