अंबारी में मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटा मूर्तिकार।
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अंबारी। शासन की ओर से प्रतिमा स्थापना के निर्देश जारी होने के बाद हर वर्षों की भांति इस बार भी नवरात्रि पर मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। रंगरोगन और साज सज्जा के लिए कठिन परिश्रम कर रहे हैं।
दीदारगंज बाजार में पश्चिम बंगाल के नवदुर्गा, मुर्सीदाबाद निवासी मूर्तिकार उत्तम पाल दस वर्षों से दुर्गा पूजा के लिए प्रतिमाएं बनाने का काम कर रहे हैं। मूर्तिकार ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते इस साल हमने सिर्फ 29 प्रतिमाएं ही बनाई है। हर साल 65-70 प्रतिमाएं बनाते थे। लाकडाउन की वजह से गांव में ही पड़े रहे। लगभग डेढ़ माह पहले वापस आकर प्रतिमाओं को बनाना शुरू किया। प्रतिमाओं को खरीदने वाले हमारे पुराने ग्राहक वापस जा रहे हैं। कोविड की वजह से धंधे पर बुरा असर पड़ा है। आमदनी बहुत कम हो रही है। महामारी के चलते हम सब उहापोह में पड़े रहे कि पता नहीं दुर्गा पूजा इस वर्ष होगी या नहीं। इस कारण व्यवसाय पर असर पड़ा है। कम मूर्ति निर्माण होने से हम लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
बिना परमिशन नहीं रखी जाएगी दुर्गा प्रतिमा : एसडीएम
मेंहनगर। थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शिनी और सीओ लालगंज मनोज रघुवंशी के नेतृत्व में हुई। एसडीएम ने कहा कि कस्बा सहित क्षेत्र में कहीं भी बिना परमिशन दुर्गा प्रतिमाएं नहीं स्थापित की जाएंगी। प्रतिमाएं मैदान में ही रखी जाएंगी। सीओ ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुबाष जायसवाल ने कहा कि मेंहनगर में रामलीला 61 साल से अनवरत जारी है। इस बार कोविड-19 को देखते हुए रामकथा होगी इस पर सभी लोगों ने सहमति जताई। थाना प्रभारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि दुर्गा पंडाल में सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनर, बालू और पानी का रखना जरूरी है। चेयरमैन अशोक चौहान, वीरेंद्र आर्य, कमलेश मधुकर, सत्यनारायण सेठ, मुन्ना बरनवाल, कपिल खान, कालीप्रसाद सभासद मनदीप सिंह, राजेंद्र सिंह आदि रहे।