आजमगढ़ के एक गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों का घोटाला सामने आया है। जांच में पूर्व प्रधान, सचिव व तत्कालीन जेई दोषी पाए गए हैं। डीपीआरओ ने उक्त तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
आजमगढ़ के रानी की सराय के फरिहा गांव में इंटरलाकिंग समेत अन्य विकास कार्यों को कराने के नाम पर 17 लाख 28 हजार 294 रुपये का घोटाला किया गया है। गांव में इंटर लाकिंग के नीचे पीसीसी, इंटरलाकिंग के नीचे सैंड बेस, प्लास्टर एवं साइडवाल का कार्य कराया गया है।
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जिसमें पूर्व प्रधान मसूदा खातून, सचिव अभिमन्यु यादव व रेशमी अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग विकास खंड रानी की सराय द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है। आयुक्त के निर्देश पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग आजमगढ़, सहायक अभियंता निर्माण खंड-5 लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग एवं मंडलीय उप निदेशक को नामित किया गया था।
जांच आख्या के आधार पर मामले में पूर्व प्रधान, संबंधित सचिव एवं तत्कालीन अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग रानी की सराय दोषी पाए गए। जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत रानी की सराय को उक्त तीनों पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे का कहना है कि फरिहा गांव में विकास कार्य कराने के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला किया गया है। जांच में दोषी मिले पूर्व प्रधान, सचिव एवं तत्कालीन अवर अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए निर्देश दिया गया है।