आजमगढ़। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का व्या असर जनपद में दिखने लगा है। बीते चार दिनों से हाड़ कंपाऊ ठंड का पड़ रही है। इसमें शनिवार इस साल का सबसे ठंडा दिन रिकार्ड किया गया। ठंड से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा।
शनिवार सुबह से ही पछुआं हवा का असर तेज रहा। हवा चलने के कारण दिनभर ठिठुरन बनी रही। लोग दिनभर अलाव के पास बैठे रहे। बीते चार दिनों से ठंड से राहत मिलता नहीं दिख रही है। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले और सूर्यास्त होने से पहले ही बाजार के काम निपटा कर घर वापस लौटे।
दोपहर एक बजे के बाद धूप निकली जरूर लेकिन यह गलन को कम करने में नाकाफी साबित हुई। शाम को चार बजे के बाद से ठिठुरन बढ़ गयी। शाम होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में सन्नाटा पसर गया। वहीं नगरीय इलाकों में शाम होने के साथ लोग घरों में दुबक गये। शाम सात बजे से दुकानों के शटर गिरने लगे। वहीं कृषि वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक ने बताया कि रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं के लिए ठंड का बढ़ना लाभदायक है। ठंड व कोहरा बढ़ने से गेहूं की पैदावार बेहतर होती है।
मौसम में बदलाव से अस्पताल में बढ़े मरीज
बलरामपुर। बीते चार दिनों से हाड़ कपाऊं ठंड पड़ रही है। इसका व्यापक असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय में 1200 के करीब ओपीडी रही। ज्यादातर लोग सर्दी, जुकाम और बुखार से ग्रसित पहुंचे। इन दिनों शीत लगने से लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। चिकित्सकीय सलाह है कि सफर के दौरान गर्म कपड़ा अच्छे से पहने, नहीं तो शीत लगने से तुरंत बीमार पड़ेंगे।