आजमगढ़। मंडल में शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े दो मामलों में सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एक मामले में शिक्षक की नियुक्ति संदिग्ध मिलने पर वेतन रोकने का आदेश दिया है, जबकि दूसरे मामले में फर्जी अंकपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने की पुष्टि होने के बाद नोटिस जारी किया गया है। पहला मामला प्राथमिक विद्यालय रसड़ा, तरवां आजमगढ़ में तैनात सहायक अध्यापक सूबेदार यादव का है तो दूसरा बलिया जनपद के प्राथमिक विद्यालय चौहानपुरा पकड़ी, पंदह विकासखंड में तैनात प्रधानाध्यापक भुवनाथ यादव का है।
एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय रसड़ा, तरवां आजमगढ़ में तैनात सहायक अध्यापक सूबेदार यादव के विरुद्ध फर्जी नियुक्ति की शिकायत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से तीन बिंदुओं पर आख्या मांगी गई थी।
बीएसए कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी नियुक्ति वर्ष 2006 में तत्कालीन बीएसए की ओर से की गई थी और अगस्त 2006 में प्रथम वेतन भुगतान भी हुआ। लेकिन सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि सूबेदार यादव के अभिलेख मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज ही नहीं हैं, जबकि जुलाई 2020 के बाद यह प्रक्रिया सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य थी।
एडी बेसिक मनोज मिश्रा ने बताया कि इन स्थितियों को देखते हुए सूबेदार यादव का वेतन तत्काल प्रभाव से बाधित करने व जांच पूरी होने तक रोक बनाए रखने का आदेश दिया है। वहीं दूसरा मामला बलिया जनपद के प्राथमिक विद्यालय चौहानपुरा पकड़ी, पंदह विकासखंड में तैनात प्रधानाध्यापक भुवनाथ यादव का है। एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के लिए बजरंग स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिकंदरपुर से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में पाया गया कि मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज अनुसार उनके बीए में कुल प्राप्तांक 504 अंक दर्शाए गए हैं, जबकि कॉलेज अभिलेखों में उनके वास्तविक अंक 445 पाए गए। भुवनाथ यादव ने 59 अंक बढ़ाकर फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनके विरुद्ध कूटरचना व फर्जी अभिलेख प्रस्तुत करने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाए।