आजमगढ़। जिले में गेहूं की खरीद लगभग समाप्ति की ओर है लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष कोई भी क्रय एजेंसी गेहूं की खरीद नहीं कर सकी। इसमें सबसे खराब स्थिति क्रय केंद्र बहुउद्देशीय ग्रामीण साधन सहकारी समिति (बी पैक्स) की रही। कम खरीद पर जहां समिति के 10 सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। वहीं गेहूं खरीद में खराब प्रदर्शन करने वाली पांच समितियों को भविष्य में क्रय केंद्र न बनाने के लिए चिह्नित किया गया है।
जिले को इस बार 94700 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य को पूरा करने के लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ और भारतीय खाद्य निगम के कुल 84 क्रय केंद्र खोल गए थे। इसमें पीसीएफ के 58 क्रय केंद्र थे। इस बार गेहूं की खरीद एक माह पूर्व यानि एक मार्च से ही शुरू हो चुकी थी। कम क्रय केंद्र होने के बाद भी खाद्य विभाग और भारतीय खाद्य निगम ने खरीद में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन पीसीएफ का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। पीसीएफ के 58 क्रय केंद्रों पर 58000 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष महज 7311 एमटी ही गेहूं की खरीद की गई। खरीद की स्थिति ठीक न होने पर संभागीय खाद्य नियंत्रक ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक और ए आर सहकारिता को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि एआर सहकारिता को अभी नोटिस मिली नहीं है।
लेकिन एआर सहकारिता ने कम खरीद पर जहां समिति के 10 सचिवों का वेतन रोक दिया गया है वहीं गेहूं खरीद में खराब प्रदर्शन करने वालीं जमीरपुर, सुम्हाडीह, जिगनी, ओघनी समेत पांच समितियों को भविष्य में धान व गेहूं क्रय केंद्र न बनाने के लिए चिह्नित किया गया है।
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तीन कर्मचारियों पर होगी प्रशासनिक कार्रवाई
गेहूं खरीद स्थिति खराब मिलने पर पीसीएफ के तीन क्रय केंद्रों के कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। एआर सहकारिता अजय कुमार ने बताया कि पीसीएफ के तीन क्रय केंद्र के कर्मचारियों पर प्रशासनिक कार्रवाई के लिए पीसीएफ के जिला प्रबंधक को पत्र भेजा है।
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गेहूं खरीद ठीक न पाए जाने पर 10 सचिवों का वेतन रोका है। साथ ही सबसे कम खरीद करने वाली पांच समितियों को चिह्नित किया गया है। इन समितियों को भविष्य में गेहूं या धान खरीद के लिए क्रय केंद्र नहीं बनाया जाएगा। खाद्य विभाग की कोई नोटिस अभी तक हमें नहीं मिली है।
- अजय कुमार, एआर सहकारिता।