गुरुवार को पहले कोर्ट मैरिज हुई और फिर शिव मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से शादी संपन्न हुई। राजा बाबू ने रानी की मांग में सिंदूर भरा, दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे को जयमाला पहनाई।
शादी में राजा बाबू के परिजन मौजूद थे, लेकिन रानी के परिवार वाले शामिल नहीं हुए। नवदंपति शादी के बाद बेहद खुश नजर आए। विहिप के प्रांत संयोजक (गोरखपुर क्षेत्र) गौरव रघुवंशी ने बताया कि राजा बाबू हमारे कार्यकर्ता हैं। उन्होंने सदमा से प्रेम और शादी की इच्छा जताई थी। धर्म की अड़चन को दूर कर आज कोर्ट और मंदिर में उनकी शादी संपन्न हुई।