यूक्रेन में मुश्किल की इस घड़ी में हर चीज का दाम बहुत ज्यादा वसूला जा रहा था। किसी तरह हंगरी बॉर्डर पार कर राहत की सांस ली। वहां से भारतीय दूतावास ने बहुत मदद की। सभी को होटल व खाने-पीने के सामान उपलब्ध कराए गए। फिर हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट से एयरफोर्स के सी-17 प्लेन से गुरुवार को गाजियाबाद पहुंचा।
वहां से राज्य सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई गई कार से आजमगढ़ निवासी चार छात्र सड़क मार्ग से अपने-अपने घर पहुंचे। कार से निःशुल्क घर तक पहुंचने पर परिजन बहुत खुश दिखाई दिए। उन्होंने घर पहुंचने पर अपने बेटे का स्वागत किया और सरकार के प्रयास की सराहना की और शुक्रिया कहा।