आजमगढ़। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियम हर रोज स्कूली वाहनों के पहिये तले रौंदे जा रहे हैं। अनफिट वाहनों को बच्चों की जान से खिलवाड़ करते हुए सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है लेकिन परिवहन विभाग को यह नजर नहीं आता। किसी हादसे में मासूम की मौत के बाद ही अफसर जागते हैं और कार्रवाई के नाम पर खानापूरी कर फिर चुप्पी साध लेते हैं।
गाजियाबाद में स्कूल बस से बाहर झांक रहे बच्चे की मौत के बाद इस बार भी अफसरों की दौड़भाग शुरू हो गई है। आनन फानन में दो दिन में 50 स्कूली वाहनों का चालान कर दिए गए। यहां बड़ी बात यह है कि कुछ माह पहले स्कूल वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजकर कार्रवाई की इतिश्री हो गई। स्कूल खुलने के बाद भी अनफिट वाहनों के खिलाफ कोई अभियान नहीं छेड़ा गया। ऐसे में नौनिहालों की जान से खिलवाड़ जारी है। आरटीओ में 1853 वाहन स्कूली वाहन के नाम से पंजीकृत हैं। इसमें 800 से अधिक अनफिट वाहन सड़कों पर दौड़ रही हैं। इसमें बस व वैन दोनों शामिल है। कोरोना काल में स्कूली बसों को पिछले वर्ष अक्टूबर तक फिटनेस की छूट दी गई थी। छूट खत्म हुए छह माह गुजर चुके हैं लेकिन बस मालिकों ने फिटनेस जांच नहीं कराई। सवाल उठे तो आरटीओ अधिकारियों ने नोटिस जारी कर खानापूरी कर दी। स्कूल खुलने के बाद भी किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
जिले के दो प्रतिष्ठित विद्यालयों के ही 64 वाहन मिले अनफिट
आजमगढ़। आरटीओ की ओर से अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान आरटीओ की ओर से जिले के दो प्रतिष्ठित विद्यालयों में चेकिंग किया गया। इस दौरान जाफरपुर स्थित एक प्रतिष्ठित विद्यालय में 35 अनफिट वाहनों का चालान किया गया। वहीं बेलइसा स्थित एक प्रतिष्ठित विद्यालय में 29 वाहन अनफिट पाए गए। विभाग की ओर से उन्हें नोटिस भी दे दिया गया है।
एआरटीओ प्रशासन सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि 800 से अधिक अनफिट स्कूल वाहनों के मालिकों को नोटिस भेजी गई है। प्रवर्तन दल द्वारा स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। वर्तमान में सीबीएसई की परीक्षा चल रही है। परीक्षा प्रभावित न हो इस कारण से अभी वाहनों को सीज करने की कार्रवाई नहीं की जा रही है।