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साढ़े 62 लाख वसूली के लिए आरसी जारी

Sun, 15 Mar 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
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फर्जी खतौनी लगाकर जनप्रतिनिधियों से निधि लेने वाले विद्यालय के प्रबंधक के विरुद्ध आरसी जारी कर शनिवार को बरदह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। आरोपित प्रबंधक विशाल सिंह विवेक ज्ञानदीप जूनियर हाईस्कूल और विशाल ज्ञानदीप प्राथमिक विद्यालय का प्रबंधक है।
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 दोनों विद्यालयों के नाम पर फर्जी खतौनी लगाकर उसने सांसद, विधायक और एमएलसी से निधि प्राप्त किया था। डीआरडीए के परियोजना निदेशक शिव कुमार पांडेय के अनुसार विशाल के विरुद्ध एक मामला पहले बरदह थाने में दर्ज हुआ था। धोखाधड़ी का दूसरा मामला शनिवार की रात दर्ज कराया गया। प्रबंधक से 62 लाख 50 हजार रुपये वसूल करने के लिए आरसी जारी की गई है।

  शनिवार को बरदह थाने में जिला विकास अभिकरण विभाग के अवर अभियंता अशोक कुमार तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें उन्होंने बरदह थाने के गोठाव गांव निवासी विशाल कुमार सिंह को आरोपित किया है। अशोक ने पुलिस को बताया कि विशाल सिंह ने गांव में ही विवेक ज्ञानदीप जूनियर हाईस्कूल के नाम से विद्यालय खोला है।
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उसका प्रबंधक वह स्वयं है। वर्ष 2011 में विशाल सिंह ने इस विद्यालय के विकास के लिए एमएलसी कैलाश यादव और विधानसभा सरायमीर क्षेत्र के सपा विधायक भोला पासवान से निधि की मांग की थी। दोनों जनप्रतिनिधियों की ओर से उसके विद्यालय के नाम से नौ लाख रुपये की संस्तुति हुई। लेकिन प्रबंधक विशाल सिंह ने निधि प्राप्त करने के लिए फर्जी खतौनी लगाया। इसके आधार पर निधि अवमुक्त हो गई। 

गांव के लोगाें ने शिकायत की तो पता चला कि विशाल ने धोखाधड़ी करके निधि प्राप्त की है। इस पर तत्कालीन सीडीओ डा. अखिलेश मिश्र ने इसकी जांच आरईएस के अवर अभियंता अशोक तिवारी को सौंपी। जांच में पाया गया कि जिस समय विशाल ने निधि ली, विद्यालय के नाम से जमीन नहीं थी। 

थानाध्यक्ष बरदह जगदीश उपाध्याय ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच वह स्वयं कर रहे हैं। डीआरडीए के परियोजना निदेशक शिवकुमार पांडेय ने बताया कि शनिवार को जिस प्रबंधक के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसके विरुद्ध एक और मामला पूर्व में बरदह थाने में दर्ज कराया जा चुका है।

बताया कि प्रबंधक विशाल ज्ञानदीप के नाम से एक प्राथमिक विद्यालय भी चलाता है। इस विद्यालय का विकास करने के लिए उसने सांसद डा. बलिराम और सपा विधायक भोला पासवान तथा एमएलसी कैलाश यादव से 53 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त किए थे।
 
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी जब उसने रुपये वापस नहीं किए तो उसके विरुद्ध दूसरी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इससे पूर्व धन वसूली के लिए उसे आरसी जारी की गई है। दोनों विद्यालयों को मिलाकर प्रबंधक विशाल सिंह ने 62 लाख 50 लाख रुपये लिए हैं। इसकी वसूली के लिए आरसी जारी की गई है।
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