शहर के सबसे सुरक्षित स्थलों में से एक सिविल लाइन मुहल्ले में बुधवार की दोपहर पल्सर सवार दो बदमाश अधिवक्ता से 4.80 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस घटना से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर पुलिस शहर में नाकेबंदी कर जगह-जगह तलाशी लेनी शुरू कर दी लेकिन घंटों प्रयास के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे।
आरोपियों की पहचान और धरपकड़ के लिए एसपी आकाश कुलहरि ने कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम का गठन किया है। पुलिस टीम पीड़ित अधिवक्ता को लेकर बैंक के सीसीटीवी फुटेज को खंगालने में व्यस्त थी।
मेहनगर थाने के गोलपार गांव निवासी इंद्रबहादुर यादव पुत्र मोतीलाल दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता हैं।
बुधवार की दोपहर करीब 12 बजे इंद्रबहादुर न्यायालय परिसर से सटे सिविल लाइन मुहल्ले में स्थित यूबीआई की शाखा से 4.80 लाख रुपये निकाले। इन रुपयों को शहर के मुख्य डाकखाने में जमा करवाना था। इंद्रबहादुर रुपये लेकर बैंक से बाहर आए। वहां से करीब 200 मीटर दूर कचहरी ओर की ओर चल दिए।
अभी मुख्य सड़क पर पहुंचे ही थे कि पीछे से मुंह बांधे काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार दो बदमाश आए। बाइक पर पीछे बैठा बदमाश असलहा लिए हुए था। उसने इंद्र बहादुर के हाथ से रुपये का बैग झपट लिया। दोनों बदमाश शहर कोतवाली की ओर भाग निकले। अधिवक्ता शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे दौड़ने लगे। लोग जब तक कुछ समझ पाते कि बदमाश दूर निकल गए। अधिवक्ता ने घटना की सूचना फोन से पुलिस को दी।
दिनदहाड़े हुई इस घटना से महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद एसपी आकाश कुलहरि, एएसपी नगर विनोद कुमार, सीओ नगर केके सरोज, शहर कोतवाल सारंगधर द्विवेदी क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम के साथ नाकेबंदी की लेकिन बदमाशों का कोई पता नहीं चला। पीड़ित इंद्रबहादुर ने बताया कि लूटे गए रुपये गाजीपुर जिले के गोपालपुर औड़िहार गांव निवासी उनके रिश्तेदार विद्या देवी के थे, जो उन्होंने इंद्र बहादुर के खाते में ट्रांसफर की थी।
एसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि बैंक में लगे सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि जिस वक्त अधिवक्ता इंद्रबहादुर रुपये निकाल रहा था। उसके आगे या पीछे कौन खड़ा था। पुलिस पीड़ित के जरिए बदमाशों की पहचान कराने में जुटी है। सीओ नगर के नेतृत्व में पुलिस की टीम घटना के खुलासे में लगी हुई है।