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आजमगढ़ में दर्दनाक हादसा: सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर से टक्कर के बाद आग का गोला बनी कार, युवती समेत दो लोग जिंदा जले

Sat, 25 Dec 2021 04:44 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़

सार

 आजमगढ़ के कंधरापुर थाना क्षेत्र में सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर में कार ने टक्कर मार दी। जिससे कार में आग लग गई।  हादसे में कार में सवार युवती और चालक की मौत हो गई।
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ट्रैक्टर से टक्कर के बाद कार में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आजमगढ़ के कंधरापुर बाजार से 500 मीटर दूर पशु अस्पताल के पास शुक्रवार देर रात सड़क किनारे खड़ी गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई और कार में सवार युवती और चालक की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मृतकों के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। 

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कंधरापुर बाजार निवासी असलम (25) पुत्र अबरार कस्बे में ही जनरल स्टोर की दुकान चलाता था। इसके साथ ही वह प्राइवेट वाहन किराए पर चलाने का भी काम करता था। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खरकौली गांव निवासी धीरेंद्र नाथ उपाध्याय की पुत्री दिव्या (24) को शुक्रवार रात कहीं जाना था।

सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर बनी हादसे की वजह
घर पर कार थी, जिसके चलते उसने असलम को बतौर ड्राइवर बुला लिया। शुक्रवार रात लगभग साढ़े 11 बजे असलम दिव्या को कार में बैठा कर खरकौली से निकला। अभी कार कंधरापुर बाजार से 500 मीटर पहले पशु अस्पताल के पास ही पहुंची ही थी कि सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से कार की टक्कर हो गई।

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टक्कर के बाद कार में आग लग गई। जिससे चालक असलम और दिव्या की मौके पर ही झुलस कर मौत हो गई। राहगीर की सूचना पर कंधरापुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तो दोनों के शव को बाहर निकाला गया। उनके पास से मिले आईडी कार्ड के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान हुई। घटना की सूचना मृतकों के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

दो भाइयों की इकलौती बहन थी दिव्या

इस दर्दनाक सड़क हादसे में मृत दिव्या उपाध्याय दो भाइयों की इकलौती बहन थी। वहीं कार चालक असलम तीन भाई और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था। घटना से दोनों के परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दिव्या कार से कहां जा रही थी, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
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...तो बच सकती थी दोनों की जान

घटना के बाद पुलिस को सूचना राहगीर अंशु वर्मा ने दिया। उसने बताया कि कार की स्पीड काफी तेज थी। हादसे के बाद मैं स्वयं दुर्घटनाग्रस्त कार का गेट खोलने का प्रयास किया लेकिन सेंट्रल लॉक के चलते गेट नहीं खुला सका। शीशे को तोड़ने पर आग की लपट काफी भयावह स्थिति में बाहर निकली। आग के कारण ही चालक और युवती की झुलस कर मौत हो गई। यदि गेट खुल गया होता तो शायद दोनों को बचा लिया गया होता।
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