टक्कर के बाद कार में आग लग गई। जिससे चालक असलम और दिव्या की मौके पर ही झुलस कर मौत हो गई। राहगीर की सूचना पर कंधरापुर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तो दोनों के शव को बाहर निकाला गया। उनके पास से मिले आईडी कार्ड के आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान हुई। घटना की सूचना मृतकों के घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
इस दर्दनाक सड़क हादसे में मृत दिव्या उपाध्याय दो भाइयों की इकलौती बहन थी। वहीं कार चालक असलम तीन भाई और चार बहनों में दूसरे नंबर पर था। घटना से दोनों के परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दिव्या कार से कहां जा रही थी, इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
घटना के बाद पुलिस को सूचना राहगीर अंशु वर्मा ने दिया। उसने बताया कि कार की स्पीड काफी तेज थी। हादसे के बाद मैं स्वयं दुर्घटनाग्रस्त कार का गेट खोलने का प्रयास किया लेकिन सेंट्रल लॉक के चलते गेट नहीं खुला सका। शीशे को तोड़ने पर आग की लपट काफी भयावह स्थिति में बाहर निकली। आग के कारण ही चालक और युवती की झुलस कर मौत हो गई। यदि गेट खुल गया होता तो शायद दोनों को बचा लिया गया होता।