उमस और गर्मी के बाद मौसम में हो रहे बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ने से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ठेकमा में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
बुधवार को पीएचसी में करीब 276 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें सर्दी, खांसी, बुखार, सिरदर्द, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी शिकायतों वाले मरीज अधिक रहे।
पीएचसी प्रभारी वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उमस भरी गर्मी और बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों की ओर से मरीजों को साफ पानी पीने, ताजा व स्वच्छ भोजन करने और आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी जा रही है।
बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने के बजाय जांच कराने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने देने और रात में मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी है। पीएचसी पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों की ओर से आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।