उमस भरी गर्मी में दर्द से कराह रहे मरीजों को जिला अस्पताल में तरह-तरह की दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। अस्पताल में पर्ची कटाने से लेकर इलाज कराने तक मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। मरीजों की परेशानी दूर करने की कोशिश नहीं हो रही है। सोमवार को ओपीडी में कुल 1579 मरीज आए।
जिला अस्पताल में सोमवार को कप्तानगंज के श्यामदेव (70) पर्ची काउंटर पर खड़े थे। उनके आगे कम से कम 15 लोग थे। 09:30 बजे कतार में लगे और 10:20 बजे पर्ची मिली। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने पहुंचे।
यहां फिजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। इसके चलते करीब 12 बजे उनका नंबर आया और डॉक्टर ने उन्हें देखा। वहीं सठियांव के बबलू अपने बेटे को कई दिनों से आ रहे बुखार को दिखाने के लिए आए थे।
उन्होंने बताया कि बेटे को कई दिनों से बुखार आ रहा है। आज वह दिखाने के लिए आए हैं, पर ओपीडी में इतनी भीड़ लगी हुई है कि पैर रखना भी दुश्वार है। दोपहर 12:00 बजे एक्सरे कक्ष के पास भी लंबी कतार थी।
मुबारकपुर से मनोहर अपने भाई के हाथ का एक्सरे कराने के लिए आए थे। भीड़ होने के कारण 35 मिनट से इंतजार कर रहे थे। ओपीडी में मरीजों की भीड़ दोपहर दो बजे तक लगी रही। लोगों को पर्ची काउंटर से लेकर चिकित्सक को दिखाने तक लंबा इंतजार करना पड़ा।
बैठने की जगह नहीं मिली तो फर्श पर बैठी वृद्धा
सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। आलम यह रहा कि ओपीडी में कहीं बैठने भर की जगह नहीं बची थी। जिला अस्पताल में प्रवेश करते ही एक करीब 75 वर्षीय वृद्ध महिला फर्श पर ही बैठी रही। उन्हें बैठने के लिए कहीं बेंच आदि खाली नहीं मिली। ज्यादा देर तक खड़ा नहीं हो पाने की स्थिति में उन्होंने नीचे बैठना ही उचित समझा।
उनकी पत्नी लीलावती को हार्ट में दिक्कत है। जिला अस्पताल में सुबह नौ बजे अस्पताल आए हैं। पर्ची कटाने के बाद दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। तब जाकर वह डॉक्टर को दिखा पाए। अस्पताल आने में पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। -श्यामलाल, मडया
मुझे कई दिनों से लगातार बुखार आ रहा है। शरीर में दर्द है। आज वह जिला अस्पताल में दिखाने के लिए आई हैं। यहां करीब नौ बजे पर्ची कटाने के बाद फिजिशियन को दिखाने में ढाई घंटे लग गए। खड़े-खड़े परेशानी हो जा रही है। -प्रियंका, बनकट
50 प्रतिशत से अधिक मरीज वायरल के
बदलते मौसम में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। सामान्य दिनों में ओपीडी में करीब एक हजार मरीज आते हैं, लेकिन इस समय यह आंकड़ा डेढ़ हजार पार कर गया है। इसमें आधे से अधिक मरीज वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, शरीर दर्द, उल्टी-दस्त, पेटदर्द के आ रहे हैं।
वर्जन
सप्ताह के पहले दिन मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ओपीडी में डॉक्टर समय से बैठ जाते हैं। इस दौरान कोई मरीज अगर गंभीर स्थिति में पाया जाता है तो उसे तुरंत दिखाया जाता है। अस्पताल में इस समय सभी दवाएं भी पर्याप्त हैं। -डॉ. सतीशचंद्र कन्नौजिया, एसआईसी।