ूलपुर में अचार बनाने वाले लाल मिर्च की आवक शुरू।
- फोटो : AZAMGARH
मेजवां। फूलपुर क्षेत्र के लाल सोने की आवक मंडी में शुरू हो गई है। हालांकि अभी इसकी कीमत में तेजी देखने को मिल रहा है। लेकिन किसान इस बार अच्छी फसल न होने से काफी मायूस हैं।
फूलपुर क्षेत्र में किसान लाल भरवा मिर्च की खेती प्रमुखता से करते हैं। यह किसानों के आमदनी का मुख्य स्रोत है। फूलपुर मंडी में लाल मिर्च की आवक शुरू हो गई है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल लाल मिर्च की पैदावार कम है। इसका मुख्य कारण अधिक बारिश का होना बताया जा रहा है। पहले किसान गन्ना की खेती प्रमुखता से करते थे लेकिन गन्ने का वाजिब मूल्य न मिलने से इस खेती पर ग्रहण लग गया। अब किसान लाल सोना की खेती व्यावसायिक खेती के रूप में प्रमुखता से कर रहे हैं। यही वजह है कि क्षेत्र में लाल मिर्च की खेती का दायरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के मेजवां, बक्शपुर, मुंडियार, मुंडवर, चमावां, दुलारपुर, सुदनीपुर, जगदीशपुर, नियाउज, पूरब पट्टी, पश्चिम पट्टी, दुर्बासा, कोल, पवई, माहुल, इटकोहिया, मिल्कीपुर, पवई, खुरासो, धर्मदासपुर, दसमड़ा, लोनियाडीह आदि स्थानों पर लाल सोना की खेती प्रमुखता से की जाती है। यहां से लाल मिर्च पूर्वांचल और उत्तरांचल के साथ कोलकाता, मुंबई आदि महानगरों में निर्यात की जाती है। यहां से सीजन के दौरान पांच कुंतल प्रतिदिन माल निकलता है। व्यापारी राम फेर और अंगद सोनकर ने बताया कि बीते साल छह से सात हजार टन लाल सोना निर्यात हुआ था। इस साल सिर्फ चार से पांच हजार टन लालमिर्च निर्यात की संभावना है। वर्तमान समय में 400 रुपये प्रति कुंतल लाल सोना किसानों से क्रय किया जा रहा है। आल इंडिया ट्रांसपोर्टर यूनियन के तहसील अध्यक्ष दशरथ सोनकर ने बताया कि फूलपुर में स्थायी मिर्चा मंडी न होने से किसानों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। यहां जौनपुर के शाहगंज मंडी कर्मचारियों द्वारा मंडी शुल्क वसूला जाता है जबकि सुविधा के नाम पर यहां उन्हें कुछ नहीं मिलता।