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Azamgarh News: नाैहा मातम कर करबला में शहीद इमाम हुसैन और साथियों को किया याद

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सरायमीर में नौहा पढ़ते अजादार।
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मेजवां/सरायमीर। फूलपुर कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों सहित सरायमीर क्षेत्र में शुक्रवार को मजलिसों का क्रम जारी रहा। इस दौरान अजादारों ने जुलूस निकाला। फूलपुर के मेजवा गांव में तीसरी मोहर्रम के मद्देनजर आफताब हुसैन के अजाखाने से जुलूसे अजा निकाला गया। इस दौरान अंजुमन अब्बासिया के लोगों ने नाैहा मातम कर करबला में शहीद इमाम हुसैन और उनके बहत्तर साथियों को खिराजे अकीदत पेश किया। जुलूस का आगाज पेशख्वानी से किया गया। इसके बाद मौलाना वसी मोहम्मद खां इमाम ने मजलिस को खिताब किया। जुलूस गांव के विभिन्न अजाखानो से होता हुआ कैफी आजमी रोड होते हुए हुसैनी कटरा पहुंचा। यहां नोहा हुआ। इसके बाद जुलूस का इमाम बारगाह में समापन किया गया। जुलूस के साथ अंजुमन के लोग हजरत अब्बास का आलम और ताबूत लेकर चल रहे थे। इसमें अल्मदार, अबुल हसन, सागर, नैय्यर सखावत हुसैन, महवर, समर, हसरत आदि शामिल रहे।
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सरायमीर में तीन मुहर्रम को शहीद-ए-कर्बला हजरत हबीब इब्न मजाहिर की याद में मजलिसों का आयोजन किया गया। उलमा-ए-किराम ने अपने खिताब में कहा कि हजरत हबीब इब्ने मजाहिर, इमाम हुसैन के वफादार साथी थे, जिन्होंने उम्र के आखिरी पड़ाव में भी हक और इंसाफ की खातिर इमाम हुसैन का साथ नहीं छोड़ा। मोहर्रम की तीन तारीख पर कमालपुर में जुलूस व सरायमीर, निकामुद्दीनपुर, पुरंदरपुर में मजलिस का आयोजन किया गया, जहां पर मौलानाओं ने इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया। कस्बा पुरंदरपुर इमामबाड़ा में मौलाना सैय्यद फरमान हैदर ने कहा कि हजरत हबीब इब्न मजाहिर की कुर्बानी इंसानियत, वफादारी और सच्चाई की एक महान मिसाल है। इसमें अंजुमन लश्करे हुसैनी, बहाहुद्दीनपुर अंजुमन फौज हुसैनी, ओहदपुर अंजुमन गुन्चये अब्बासिया कोरौली ने नौहा व मातम किया।
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