आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के सीखने के स्तर को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने 10 नए शैक्षणिक मानक निर्धारित किए हैं।
इन मानकों के आधार पर अब विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, शैक्षणिक प्रगति और उपलब्धियों की नियमित निगरानी की जाएगी। शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित, सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण विकसित करना है, जहां बच्चे बिना किसी भय और दबाव के बेहतर तरीके से सीख सकें। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार पाठक ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी निपुण भारत मिशन योजना के तहत अब तक कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों पर आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा था।