आजमगढ़। निरक्षरता को खत्म करने के लिए सरकार व शिक्षा विभाग कुछ न कुछ कार्यक्रमों का संचालन करती रहती है। अब सरकार ने सभी को साक्षर बनाने के लिए एक नये कार्यक्रम की संकल्पना की है। लोगों को साक्षर बनाने के इस कार्यक्रम का नाम ‘पढ़ना लिखना अभियान’ दिया गया है। अभियान के तहत 15 वर्ष से ऊपर के ऐसे लोग हैं जो किन्हीकारणों से शिक्षा से वंचित रह गए, उनको साक्षर बनाया जाएगा।
निरक्षरों को अक्षर ज्ञान देने का जिम्मा डीएलएड प्रशिक्षुओं पर होगा। यह प्रशिक्षु ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें समूह बनाकर पढ़ाएंगे। डीएलएड प्रशिक्षुओं के इस कार्य को क्रियाधारित प्रशिक्षण में जोड़ा जाएगा, जिसके उनको अंक भी दिए जाएंगे। जिले में जो भी निरक्षर हैं उनका संपूर्ण डाटा तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षु अपने आसपास के दो लोगों को चिन्हित करेंगे। उनके नाम, पता, आइडी, पढ़ाई न कर पाने का कारण आदि का वर्णन करेंगे। अभियान का बीच बीच में फीड बैक भी लिया जाएगा कि निरक्षरों पर कोई असर पड़ा भी कि नहीं।
अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित शिक्षण संस्थाओं में निर्देश दे दिए गए हैं। प्रशिक्षुओं से अभियान की गाइड लाइन के मुताबिक काम करने के लिए कह दिया गया है। अभियान का असर भी दिखेगा क्योंकि डीएलएड प्रशिक्षुओं के पाठ्यक्रम का हिस्सा होने के नाते वह इसे पूरी मेहनत से करेंगे।
अमरनाथ राय, प्राचार्य डायट, आजमगढ़।