फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैसा लेकर आवास का निर्माण न करने वाले 63 को जारी होगी आरसी

विज्ञापन
विज्ञापन
आजमगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 29,145 आवासों के निर्माण का लक्ष्य था। इसके सापेक्ष 28,856 निर्माण पूरे हो चुके हैं। वहीं 63 लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने आवास स्वीकृत होने और पैसा मिलने के बाद भी आवास का निर्माण नहीं कराया। ऐसे लोगों को आरसी जारी कर वसूली करने की तैयारी की जा रही है। वहीं 10 लोगों के मृत होने पर उनके वारिसों की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत वर्ष 2016 से लेकर 2019 तक कुल 29145 आवासों का लक्ष्य निर्धारित कर धन आवंटन किया गया। इसमें से 28,856 लोगों के आवास पूर्ण हो चुके हैं। वर्ष 2019-20 में 105 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें से 95 आवास पूर्ण हो चुके हैं। अभी 278 आवास निर्माणाधीन हैं। इसमें से 10 लोग ऐसे हैं जो मृत हो चुके हैं। उनके वारिसों को तलाश कर आवास का निर्माण कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं इसमें 63 लोग अपात्र पाए गए थे। इनसे वसूली के लिए आरसी जारी हो चुकी है। 60 लोगों के आवास विवाद में फंसे हैं। लोगों को समझा बुझाकर निर्माण का कार्य शुरू कराया जा रहा है। वहीं सरकार की ओर से नए पीएम आवास ग्रामीण के लिए लोगों से आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत कुल एक लाख 62 हजार लोगों ने आवेदन किया है। सभी के आधार को आवास प्लस पर अपलोड किया जा रहा है। इस पर फैसला सरकार लेगी।
मुख्यमंत्री आवास योजना में लक्ष्य के सापेक्ष 1861 आवास पूर्ण
आजमगढ़। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जनपद में मुसहर, कुष्ठरोगी और दैवीय आपदा पीड़ितों के लिए आवास का निर्माण किया जाना था। इसके लिए सरकार की ओर से वर्ष 2019-20 में 2145 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसके सापेक्ष अब तक जनपद में 1861 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। 283 आवास निर्माणाधीन हैं जिनके 10 दिन में पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना 2016 से लेकर 2019 के बीच ज्यादातर आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें से 63 लोग ऐसे हैं जिन्होंने पैसा मिलने के बाद भी निर्माण नहीं कराया इन लोगों को आरसी जारी की जा रही है। वहीं 10 लोग मृत हो चुके हैं उनके वारिसों की तलाश का निर्माण शुरू कराया जा रहा है। - अभिमन्यु कुमार सिंह, परियोजना निदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें