आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने दो आरोपियों आसिफ शेख (19) और मेहताब आलम को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो डंडे बरामद किए हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राजबहादुर सिंह उर्फ मंगला सिंह उसे बार-बार गाली देता था। साथ ही उसकी बाउंड्रीवाॅल नहीं बनने दे रहे थे। इसी से नाराज होकर दोनों उसकी पिटाई किए थे।
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि 10 अगस्त को बरदह थाना क्षेत्र के उसरगांव निवासी सत्यनारायण सिंह ने थाने में तहरीर दी थी कि उनके भाई राजबहादुर सिंह उर्फ मंगला सिंह की चारपाई पर सोते समय धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। इस आधार पर थाना बरदह में मुकदमा पंजीकृत हुआ। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि हत्या गांव के ही आसिफ शेख (19) और मेहताब आलम (20) ने की है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोमवार को दोनों आरोपियों को जिवली मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी आसिफ शेख ने बताया कि राजबहादुर सिंह अक्सर उसे गाली देते थे और उसकी बाउंड्रीवाल बनाने में अवरोध उत्पन्न कर रहे थे। इसी रंजिश में उसने अपने साथी मेहताब के साथ मिलकर योजना बनाई और 10 अगस्त की रात करीब एक बजे सोते समय डंडों से हमला कर उनकी हत्या कर दी। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो डंडे बरामद किए गए।
सिर्फ पिटाई करने गए थे आरोपी
एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि बार-बार राजबहादुर गाली देते थे। इससे वह गुस्से में आकर उसकी पिटाई का प्लान बनाया। आरोपी ने बताया कि वह दोनों उसकी सिर्फ पिटाई करने गए थे लेकिन वह सिराहना के जगह पैर किया था। इसी वजह से वह समझ नहीं पाए और पैर समझकर सिर पर वार कर दिए। जिससे राजबहादुर को दो जगहों पर चोट आई थी। जिससे खून अधिक बह गया था और उसकी मौत हो गई।
आखिर किसने लिखा था ‘बुत के घर हव, जे जाई उ वापस ना आई...
बरदह थाना क्षेत्र के उसर गांव एक बुजुर्ग की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हालांकि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन कुछ सवालों की गुत्थी अभी भी नहीं सुलझी है। जैसे हत्या के बाद मृतक के दरवाजे पर रहस्यमयी संदेश ‘’’’बुत के घर हव, जे जाई उ वापस न आई’’’’ लिखा था। यह संदेश को किसने लिखा इस पर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि एसएसपी हेमराज मीना ने कहा कि इस तरह का कोई भी मामला संज्ञान में नहीं है।