बरदह। एफडीआर तकनीकी से सिसवारा- बरदह 15 किमी लंबे मार्ग का निर्माण हुए एक साल हो गए, लेकिन बिजली निगम की उदासीनता से सड़क के दायरे में आए तार-खंभों को अभी तक नहीं हटाया गया है। सड़क से सटे यह खंभे हादसों को दावत दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सिसवारा- बरदह मार्ग का निर्माण 15.17 करोड़ से एक वर्ष पहले पूरा कराया गया। मार्ग का पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण होने से कई जगहों पर हाईटेंशन तार- खंभे और पेड़ सड़क के दायरे में आ गए। पहले सड़क का निर्माण न होने से वाहन धीमी गति से चलते थे लेकिन अब सड़क बनने के बाद वाहन फर्राटे भर रहे हैं। सड़क के निर्माण के दौरान बिजली विभाग से तार- खंभों को हटाने के लिए स्टीमेट मांगा गया था। ग्रामीण अभियंत्रण के जेई देवेंद्र सिंह की माने तो स्टीमेट के अनुसार 30 लाख रुपये बिजली निगम को दिए गए लेकिन अभी तक सड़क के दायरे में आने वाले हाईटेशन तार- खंभों को हटाया नहीं गया।
खंभों को हटाने के नाम पर सिर्फ लाल निशान लगाकर छोड़ दिया गया है। बरदह जाने के लिए सीधा मार्ग होने के कारण लोगों का इसी मार्ग से अधिक आना जाना होता है। सड़क किनारे से खंभों को न हटाए जाने से इसने हादसे का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र के रहने वाले अनिल राय, अमित तिवारी, विकास राय आदि ने बताया कि चौकी गांव के पास सड़क किनारे खंभे से एक कार टकरा चुकी है, लेकिन स्पीड कम होने के कारण कोई हादसा नहीं हुआ। सड़क किनारे खड़े हाईटेंशन बिजली के खंभों से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बना हुआ है। इस संबंध में उपकेंद्र बरदह के जेई आतीश यादव ने बताया कि खंभों को हटाने के संबंध में न तो कोई सूचना मिली है और न ही कोई स्टीमेट प्रस्तुत हुआ है।
मैं कार्यदायी संस्था से बात कर रहा हूं, इसी हफ्ते से सड़क किनारे से तार और खंभा हटाने का काम शुरू होगा। सभी खंभों को जल्द से जल्द हटवाएंगे। - महेंद्र कुमार, एक्सईएन बिजली निगम।
सड़क के दायरे में आए तार-खंभों, पेड़ को हटाने के लिएस्टीमेट के अनुसार बिजली और वन विभाग को 30 से 40 लाख रुपये दे दिए हैं। इसके बाद बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक बार बात और पत्राचार किया गया लेकिन आज तक न तो तार- खंभों को हटाया गया और न ही पेड़ काटे गए। - देवेंद्र सिंह, अवर अभियंता।